गोरखपुर में ओपी राजभर ने बोला विपक्षियों पर तीखा हमलागोरखपुर में ओपी राजभर ने बोला विपक्षियों पर तीखा हमला

गोरखपुर में ओपी राजभर ने बोला विपक्षियों पर तीखा हमला

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने गोरखपुर में अपनी पार्टी की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने न सिर्फ कांग्रेस, बल्कि सपा, राजद और विपक्षी गठबंधन INDIA को भी कठघरे में खड़ा किया।

राजभर ने कहा कि “वोटों की चोरी” की परंपरा की शुरुआत खुद कांग्रेस ने की थी। उन्होंने सीधे तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया कि, उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट की हेराफेरी की गई। उनके अनुसार, “नेहरू को सिर्फ 1 वोट मिला था, जबकि 11 वोट किसी और के पक्ष में थे। लेकिन सत्ता की भूख में कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की।”

इतना ही नहीं, उन्होंने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की हार का भी ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा। राजभर के मुताबिक, “1952 में जब बाबा साहब महाराष्ट्र से चुनाव लड़े थे, तब कांग्रेस ने 78 हजार वोट चोरी कर उन्हें हराया था। इसका प्रमाण खुद बाबा साहब ने चुनाव आयोग को एफिडेविट देकर दिया था।”

राजभर ने तीसरी ‘वोट चोरी’ की घटना वाराणसी की बताई, जहां कांग्रेस पर मतपेटी को गंगा नदी में फेंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उस समय जब मछुआरों ने मछली पकड़ने के लिए जाल डाला तो मछली की जगह मतपेटी बाहर निकली। जांच में पता चला कि उसमें कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिला था। लेकिन सरकार कांग्रेस की थी, इसलिए मामला दबा दिया गया।”

राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव की हालत ऐसी हो गई है कि अब वो खुद अपनी सीट नहीं बचा पा रहे हैं, और चले हैं बिहार जिताने। अवध भी हार गए, मगध भी। अब बाकी क्या बचा है?”

उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, “ये सब दगे हुए कारतूस हैं। इनसे कुछ भी होने वाला नहीं है। इनकी यात्राएं सिर्फ दिखावा हैं। जनता इनकी असलियत जान चुकी है।”

राजभर ने ये भी कहा कि, 60 वर्षों तक कांग्रेस ने शासन किया लेकिन पिछड़े, दलित और मुसलमानों को सिर्फ ठगा। उन्होंने कहा, “कभी यही लालू और तेजस्वी कांग्रेस को चारा घोटाले का जिम्मेदार बताते हुए पानी पी-पीकर कोसते थे। आज वही लोग कांग्रेस के साथ मंच साझा कर रहे हैं। ये सिर्फ सत्ता की साझेदारी है, सिद्धांतों की नहीं।”

मंत्री राजभर ने कहा कि, आने वाले समय में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार से उनकी मांग है कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता से कराया जाए। “मैंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों से दो बार बातचीत की है। सकारात्मक संकेत मिले हैं और काम सही दिशा में बढ़ रहा है,”

उन्होंने डॉ. संजय निषाद के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि कुछ छुटभैया नेता उनकी लोकप्रियता से परेशान हैं। राजभर ने कहा, “कुछ नेता सिर्फ बोलते रहते हैं। हम जमीन पर काम कर रहे हैं। विकास और जनसंपर्क ही हमारा एजेंडा है। छुटभैया नेता हमारे रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकते।”

राजभर ने विपक्ष की एकजुटता को लेकर कहा कि अब बिहार में भी विपक्ष की हार तय है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र हार चुकी है। अब बारी बिहार की है। लेकिन जब हार सामने नजर आने लगती है तो ऐसे बयान दिए जाते हैं कि भाजपा ने वोट चोरी की, ताकि हार की जिम्मेदारी से बचा जा सके।”

राजभर ने विश्वास जताया कि एनडीए गठबंधन आने वाले चुनाव में स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा, “जो विपक्षी नेता आज एकजुट हो रहे हैं, वे सभी ‘दगे हुए कारतूस’ हैं। जनता इन पर अब विश्वास नहीं करती। बिहार में भी जनता विपक्ष की असलियत पहचान चुकी है।”

मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान राजभर ने कार्यकर्ताओं से धरातल पर सक्रियता बढ़ाने की अपील की और कहा कि पार्टी का मिशन सिर्फ सत्ता नहीं, समाज में समानता और अधिकार सुनिश्चित करना है।
राजभर के इन बयानों से यह स्पष्ट है कि चुनावी माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है और सुभासपा अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए विपक्ष पर हमलावर रुख अपनाए हुए है।

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