दानवीर भामाशाह: लखनऊ में हुआ दानवीर भामाशाह जयंती का आयोजनदानवीर भामाशाह: लखनऊ में हुआ दानवीर भामाशाह जयंती का आयोजन

दानवीर भामाशाह: लखनऊ में हुआ दानवीर भामाशाह जयंती का आयोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (दानवीर भामाशाह) को विपक्ष पर बड़ा हमला करते हुए जातिवादी राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लिया। इटावा कथावाचक पिटाई मामले में विपक्ष द्वारा इसे यादव बनाम ब्राह्मण मुद्दा बनाने के प्रयासों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए तीखा वार किया

मुख्यमंत्री लखनऊ (दानवीर भामाशाह) के लोकभवन में दानवीर भामाशाह जयंती और व्यापारी कल्याण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि, जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए माफियाओं के सामने नाक रगड़ी और राज्य की सत्ता को गिरवी रख दिया था

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “पहले नौकरी के नाम पर वसूली करते थे, अब जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। इसीलिए मैं कहता हूं कि, बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे।”

आपको बता दें कि, पिछले दिनों इटावा में एक कथावाचक और उनके साथियों के साथ हुई मारपीट के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया था। कथावाचक को अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ बुलाकर सम्मानित करने के बाद जिले में अहीर रेजिमेंट और यादव संगठनों के करीब दो हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसक घटनाएं हुईं, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

इस प्रकरण में अब तक 19 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले को विपक्ष की ‘वोट बैंक की राजनीति’ का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि, वर्तमान सरकार व्यापारियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 2016 की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि, उस समय लखनऊ में एक व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और सुल्तानपुर में एक सर्राफा व्यापारी को गोली मार दी गई थी।

सीएम योगी ने कहा कि, “उस समय की सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही थी। लेकिन हमारी सरकार ने साफ कहा कि व्यापारियों और बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का टिकट यमराज काटेंगे। जब माफियाओं का सफाया हुआ, तब जातिवाद की राजनीति करने वाले घड़ियाली आंसू बहाने लगे।”

हाल ही में हुए एक एनकाउंटर की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि, अगर व्यापारी और बेटी की सुरक्षा में कोई खतरा पैदा करेगा, तो यमराज दूसरे चौराहे पर उसका इंतजार कर रहा होगा। गलत तरीके से धन अर्जन विनाश का कारण बनता है और ये हमने होते हुए देखा भी है।”

योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से परंपरागत उद्योगों को नया जीवन मिला है और करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि, उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ मॉडल लागू कर रखा था, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी

“हमारी डबल इंजन की सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हम कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू कर रहे हैं और व्यापारी समाज को सम्मान और संरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

मुख्यमंत्री ने जीएसटी विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि, हर साल प्रदेश के शीर्ष 10 जीएसटी दाताओं को लखनऊ में और जिलों के शीर्ष 10 व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर सम्मानित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि, किसी दुर्घटना में जान गंवाने वाले जीएसटी दाताओं को सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दानवीर भामाशाह (दानवीर भामाशाह) की जयंती पर उनके योगदान को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि, भामाशाह का जन्म 29 जून 1547 को राजस्थान में हुआ था। उनकी व्यापारिक दक्षता और मेवाड़ राजवंश के प्रति निष्ठा के कारण उन्हें महामंत्री बनाया गया।

उन्होंने याद दिलाया कि, जब हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था, तब भामाशाह ने अपनी पूरी संपत्ति राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दी थी।

योगी ने कहा, “भामाशाह (दानवीर भामाशाह) का ये त्याग ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा था कि, ये धन देश की ही देन है और इसे देश को समर्पित करना मेरा कर्तव्य है। जब-जब महाराणा प्रताप (दानवीर भामाशाह) की वीरता की चर्चा होगी, तब-तब भामाशाह (दानवीर भामाशाह) का नाम भी गौरव के साथ लिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री के पूरे भाषण में जातिवादी राजनीति बनाम राष्ट्रवादी सोच की स्पष्ट झलक दिखाई दी। उन्होंने बार-बार ये दोहराया कि, कुछ दल सत्ता में आने के लिए समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं। उन्होंने इस प्रवृत्ति को खतरनाक बताया और लोगों से आग्रह किया कि वे एकजुट रहें

“हम सबका एक ही धर्म है – राष्ट्रधर्म। जो लोग जाति के नाम पर समाज को तोड़ रहे हैं, वे ना देश के सच्चे शुभचिंतक हैं और ना ही समाज के। हमें इनसे सावधान रहना होगा।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये भाषण साफ तौर पर आने वाले राजनीतिक विमर्श की दिशा को तय करता दिख रहा है। एक तरफ वो व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं, वहीं दूसरी ओर जातिवादी राजनीति करने वालों को खुली चुनौती देते हैं।

‘बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे’—इस नारे के माध्यम से उन्होंने समाज में समरसता और एकता की अपील की है। ये संदेश केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का भी प्रतीक बनता जा रहा है।