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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के संगठन और नए अध्यक्ष को लेकर फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मंत्री विक्रमादित्य सिंह इन दिनों दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद जल्द ही हिमाचल कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल सकता है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने हाल ही में दिल्ली में प्रियंका गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। वहीं मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और वेणुगोपाल से मुलाकात कर संगठन और अध्यक्ष पद को लेकर चर्चा की।

नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं कर पा रहा हाईकमान 

कांग्रेस हाईकमान पिछले सात महीने से हिमाचल में नए अध्यक्ष की घोषणा नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह है राज्य में चल रही भीतरी गुटबाजी। सीएम सुक्खू अपने करीबी नेताओं को अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि होली लॉज गुट इसका विरोध कर रहा है। सुक्खू ने अध्यक्ष पद के लिए संजय अवस्थी, सुरेश कुमार और विनोद सुल्तानपुरी के नाम सुझाए हैं। लेकिन होली लॉज खेमा इनमें से किसी नाम पर सहमत नहीं है। इसी के चलते फैसला लगातार टल रहा है। इसी बीच, मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सामने आया है। होली लॉज समर्थक उन्हें अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में अभियान चलाया गया और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें सबसे अच्छा विकल्प बताया गया है। अगर बाकी नामों पर सहमति नहीं बनती है तो सीएम सुक्खू ने कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह का नाम भी प्रस्तावित किया है। लेकिन वे तभी अध्यक्ष बनना चाहेंगे जब उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा न देना पड़े।

 6 नवंबर से प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की पार्टी कार्यकारिणी भंग है

पार्टी सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस हाईकमान पूर्व अध्यक्ष और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर को दोबारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहता है। हालांकि राठौर इस जिम्मेदारी को दोबारा तभी स्वीकार करेंगे जब उन्हें संगठन चलाने की पूरी छूट दी जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीते साल 6 नवंबर को प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की पार्टी कार्यकारिणी भंग कर दी थी। तब से हिमाचल कांग्रेस बिना संगठन के काम कर रही है, जिससे पार्टी गतिविधियां ठप पड़ी हैं और कार्यकर्ताओं में निराशा है। अब जब दिल्ली में मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेताओं की हाईकमान से मुलाकातें हो रही हैं, उम्मीद की जा रही है कि पार्टी जल्दी ही नए अध्यक्ष का ऐलान करेगी। इस फैसले से तय होगा कि हिमाचल कांग्रेस अगले चुनाव की तैयारी कैसे करेगी और अंदरूनी गुटबाजी को किस तरह सुलझाया जाएगा।

 

By admin

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