उत्तर प्रदेश के बिजनौर पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब गुरुग्राम में बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए छापेमारी करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इस टीम में एक सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, नंगल थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले के वांछित आरोपी पंकज की तलाश की जा रही थी। 25 अगस्त को जांच के दौरान पुलिस को उसकी लोकेशन हरियाणा के गुरुग्राम में मिली। इसके बाद सब-इंस्पेक्टर हर स्वरूप शर्मा अपनी टीम के साथ गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित एक मकान में पहुंचे।
बताया गया कि इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय गुरुग्राम पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस के मकान पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद डिकेंद्र पाल नाम के एक गैंगस्टर ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस टीम ने जिस आरोपी पंकज की तलाश में छापेमारी की थी, उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि दूसरे राज्य में कार्रवाई करने से पहले टीम ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी।
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर हर स्वरूप शर्मा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
