भोपाल। वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने की गई बड़ी कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। 1 अगस्त 2026 से 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 200 रुपए से अधिक (अधिकांश शहरों में करीब 209 रुपए तक) की कमी की गई है। इससे पहले 1 जुलाई 2026 को भी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 183.50 रुपए की कटौती की गई थी। इस प्रकार दो महीनों में प्रति सिलेंडर करीब 390 रुपए से अधिक की राहत मिलने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), मध्य प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम विशेष रूप से खाद्य एवं आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र के लिए राहत लेकर आया है, जहां एलपीजी संचालन की सबसे बड़ी लागतों में से एक है।
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्ष 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर महंगे हो गए थे। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, बेकरी, चाय-नाश्ता केंद्रों, कैटरिंग सेवाओं और छोटे खाद्य व्यवसायों की लागत पर पड़ा था।
उन्होंने कहा कि अब लगातार दो माह में हुई कीमतों में कमी से व्यापारियों को राहत मिलेगी और व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर दबाव कम होगा।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि यह राहत केवल प्रति सिलेंडर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बड़े स्तर पर संचालित प्रतिष्ठानों की मासिक लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यदि कोई मध्यम श्रेणी का होटल या रेस्टोरेंट प्रतिमाह लगभग 40 वाणिज्यिक सिलेंडर उपयोग करता है तो वर्तमान कटौती के बाद उसे करीब 8,000 से 8,400 रुपए प्रति माह की सीधी बचत होगी। वहीं 100 सिलेंडर प्रतिमाह उपयोग करने वाले बड़े होटल, कैटरिंग यूनिट या औद्योगिक रसोईघरों को 20,000 रुपए से 21,000 रुपए प्रतिमाह तक की राहत मिल सकती है।
उनके अनुसार इससे व्यापारियों को व्यवसाय विस्तार, गुणवत्ता सुधार और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में भी सहायता मिलेगी।
कटौती के बाद मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं—
इन नई दरों से प्रदेश के हजारों व्यावसायिक उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, ढाबे, मिठाई प्रतिष्ठान, डेयरी इकाइयां, बेकरी, कैटरिंग सेवाएं और अन्य खाद्य व्यवसाय बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक एलपीजी का उपयोग करते हैं। अनुमान है कि प्रदेश में लाखों व्यापारिक प्रतिष्ठान इस निर्णय से लाभान्वित होंगे, जबकि देशभर में लगभग 2 से 2.5 लाख पंजीकृत वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि लागत कम होने से छोटे व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और व्यवसाय करना अपेक्षाकृत आसान बनेगा।
व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एलपीजी की कीमतों में यह राहत आगे भी जारी रहती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव खाद्य पदार्थों और होटल सेवाओं की लागत पर भी दिखाई दे सकता है। इससे उपभोक्ताओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम कीमतों का निर्धारण स्थानीय बाजार, परिवहन लागत और अन्य परिचालन खर्चों पर भी निर्भर करेगा, लेकिन एलपीजी जैसी प्रमुख लागत में कमी निश्चित रूप से राहत देने वाली है।
धर्मेंद्र शर्मा ने उम्मीद जताई कि यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है तो आने वाले समय में भी वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में राहत जारी रह सकती है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, महंगाई नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और देश के खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग को नई मजबूती मिलेगी।
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