Jhunjhunu Accident News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सोमवार को सड़क निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से मिक्सर मशीन में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
सड़क निर्माण के दौरान हुआ हादसा
झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छापोली गांव में सोमवार सुबह यह हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, छापोली से कदमकुंड की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। ग्रामीणों के सहयोग से बनाई जा रही इस सड़क पर मजदूर रोड़ी और कंक्रीट मिलाने का काम कर रहे थे।
इसी दौरान निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही मिक्सर मशीन का लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। मशीन में अचानक तेज करंट फैल गया और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
आठ मजदूरों की मौत, पांच का इलाज जारी
इस हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई। मृतकों में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर, मंगलचंद गुर्जर, कालूराम गुर्जर और पवन गुर्जर शामिल हैं। वहीं, छापोली गांव के विष्णु सैनी, सुरेश सैनी, मुकेश सैनी और फतेहचंद सैनी की भी मौत हुई है।
हादसे में घायल हुए पांच लोगों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल बताए गए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद मृतकों के गांवों में शोक का माहौल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुंझुनूं हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए जांच के निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने घटना की जांच कराने और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट लेने के निर्देश भी दिए। राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की है।
गहलोत ने राज्य सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
ऊर्जा मंत्री बोले—लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी अधिकारियों को मौके पर जाकर हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी विभागीय या तकनीकी स्तर की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह जांच का विषय है कि सड़क निर्माण के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन के आसपास सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
झुंझुनूं की इस घटना ने सड़क निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास भारी मशीनों का इस्तेमाल करते समय पर्याप्त दूरी और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है।
अब प्रशासनिक और तकनीकी जांच से यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसे रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे।
आठ मजदूरों की मौत से प्रभावित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन के सामने अब घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने, पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और हादसे के कारणों का पता लगाने की चुनौती है।
