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इमिलिया पंचायत जांच पर उठे सवाल: शिकायतकर्ता को दरकिनार कर तैयार हुई रिपोर्ट?

मुरैना
ग्राम पंचायत इमिलिया में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता अमर सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव द्वारा नियुक्त जांच दल ने मौके पर पहुंचकर केवल उन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जो पहले से पूरे हो चुके थे और सरपंच-सचिव को राहत देने वाली रिपोर्ट तैयार कर ली गई।

जांच दल के सदस्य ने नाम ना बताने की शर्त पर बताई बात
शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच दल के एक सदस्य ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर उन्हें बताया कि टीम ने सीमित निरीक्षण किया और कई शिकायत बिंदुओं की गहराई से जांच नहीं की। आरोप है कि सरपंच और सचिव के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर रिपोर्ट तैयार की गई, जिससे निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

– शिकायत की जांच अधूरी
गौरतलब है कि पंचायत में सड़क निर्माण, सीसी रोड, नाली, शांति धाम, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और मनरेगा कार्यों में वित्तीय व तकनीकी अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में अधूरे कार्य, भुगतान में गड़बड़ी, फर्जी मस्टर रोल और सरकारी राशि के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल थे।

– शिकायतकर्ता का उद्देश्य सच्चाई आए सामने
अमर सिंह राठौर का कहना है कि जांच का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना था, लेकिन शिकायतकर्ता और ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना रिपोर्ट तैयार करना पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में डालता है। उनका आरोप है कि जांच दल निष्पक्ष जांच करने के बजाय औपचारिकता निभाकर रिपोर्ट पेश करने की तैयारी में है।

-जिला पंचायत सईओ क्या पारदर्शिता लाएंगे सामने

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव इस रिपोर्ट को अंतिम मानेंगे या शिकायतकर्ता के आरोपों को देखते हुए दोबारा स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराएंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी, वित्तीय और भौतिक स्तर पर पुनः जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

नोट – 1-रामपुर रोड से महेश माहौर के घर तक 
2- अमृत दामोदर बघेल के जॉब कार्ड पर फर्जी नाम बढ़कर निकल गए पैसे