उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव की चुप्पी पर उठ रहे सवाल, मौलाना की विवादित टिप्पणी अखिलेश चुप्प!, क्या वोट बैंक के चलते मौन हैं अखिलेश ?

अखिलेश यादव की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्म है, लेकिन इस बार मुद्दा हिंदू-मुस्लिम विवाद या जातीय समीकरणों से कुछ आगे बढ़कर, सीधे-सीधे व्यक्तिगत असम्मान और राजनीतिक चुप्पी पर केंद्रित हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जो हर छोटे-बड़े मुद्दे पर ट्वीट और बयानबाजी से सुर्खियों में रहते हैं, इस बार वे चुप हैं, और उनकी ये चुप्पी चर्चा का विषय बन चुकी है।

पूरा मामला संसद भवन परिसर के पास बनी मस्जिद में समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों की एक बैठक से जुड़ा है, जिसमें डिंपल यादव भी साड़ी पहनकर शामिल हुईं थीं। इस पर कुछ मौलानाओं ने आपत्ति जताई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में आया ऑल इंडिया इस्लामिक एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का बयान, जो बेहद आपत्तिजनक था। उन्होंने डिंपल यादव की पोशाक और मौजूदगी को लेकर ऐसी बात कह दी, जिसे शब्दों में दोहराया नहीं जा सकता।

इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही थी कि, अखिलेश यादव सार्वजनिक रूप से इसका विरोध करेंगे, खासकर तब, जब मामला उनकी पत्नी और एक लोकसभा सांसद से जुड़ा हो। लेकिन अब तक अखिलेश यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यही चुप्पी सवालों के घेरे में है।

अखिलेश यादव के राजनीतिक करियर और पार्टी लाइन को देखें तो ये आरोप पुराना है कि, समाजवादी पार्टी मुस्लिम समुदाय की राजनीति को प्राथमिकता देती रही है। उत्तर प्रदेश में 19.26% मुस्लिम जनसंख्या एक बड़ा वोट बैंक मानी जाती है और समाजवादी पार्टी को इस समुदाय से अच्छा समर्थन भी मिलता रहा है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, अखिलेश यादव की चुप्पी वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है।

अगर वे मौलाना की निंदा करते हैं, तो मुस्लिम समाज में गलत संदेश जा सकता है। खासतौर पर ऐसे वक्त में जब अखिलेश यादव अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिए आगामी चुनावों की तैयारी में लगे हैं, तब किसी मौलाना के खिलाफ खुलकर बोलना उनके सियासी समीकरण बिगाड़ सकता है।

कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अखिलेश यादव कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज से बहस करते दिखे थे। उस वीडियो को देखकर ये साफ था कि, अखिलेश ने जानबूझकर संत के साथ तीखी बहस की और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की कोशिश की। उस वक्त अखिलेश यादव न केवल बोले बल्कि आक्रामक भी थे।

अब जब एक मौलाना ने उनकी पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, तब वही अखिलेश शांत हैं। ये दोहरे मापदंड बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों को उनके खिलाफ हमलावर होने का मौका दे रहे हैं। बीजेपी ने तो खुलकर इस मुद्दे को उठाया है।

भारतीय जनता पार्टी इस मामले को लेकर सड़कों पर उतर चुकी है। राजधानी लखनऊ के कई चौराहों पर अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा गया है: “धिक्कार है अखिलेश जी!”। यही नहीं, संसद भवन के मकर द्वार पर बीजेपी सांसदों ने डिंपल यादव के समर्थन में विरोध प्रदर्शन भी किया।

सरकार के कई मंत्री भी अखिलेश की चुप्पी को शर्मनाक बता चुके हैं। उनका कहना है कि, जब बात खुद के परिवार की हो, तब भी अगर कोई नेता राजनीतिक मजबूरी में चुप रहता है, तो उससे बड़ा दुर्भाग्य लोकतंत्र के लिए और कुछ नहीं हो सकता।

सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने अखिलेश से सीधे सवाल पूछे हैं कि अगर यही टिप्पणी किसी हिंदू संत ने कर दी होती, तो क्या वे तब भी चुप रहते? क्या वे तब भी बयान नहीं देते या ट्वीट नहीं करते?

कुछ यूज़र्स ने तो डिंपल यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं, ये कहते हुए कि, उन्हें खुद सामने आकर इस अपमान का जवाब देना चाहिए।

ये मामला केवल राजनीतिक मौन का नहीं, बल्कि उस नैतिक साहस का है जो एक जनप्रतिनिधि से तब अपेक्षित होता है जब उसकी व्यक्तिगत गरिमा पर हमला हो। अखिलेश यादव की चुप्पी चाहे वोट बैंक की मजबूरी हो या राजनीतिक रणनीति, लेकिन इससे ये संदेश जरूर जा रहा है कि व्यक्तिगत सम्मान भी अब सियासी समीकरणों के तराजू पर तौला जा रहा है।

Kirti Bhardwaj

Recent Posts

BJP में शामिल होने के बाद अरविंद केजरीवाल की राघव चड्ढा पर आई पहली प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा ?

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने पार्टी…

1 hour ago

Checkmarx One ने इंडस्ट्री की सबसे बेहतरीन स्कैनिंग सटीकता हासिल की, पुराने टूल्स और AI मॉडल्स दोनों को पीछे छोड़ा

पैरामस, न्यू जर्सी एजेंटिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी’ में ग्लोबल लीडर Checkmarx ने आज अपने Checkmarx One…

2 hours ago

NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा फैसला: 22 जून तक भारत में Telegram बैन

NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए भारत…

2 hours ago

गिर गए सोना-चांदी के दाम, जानिए क्या है आज का भाव ?

सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सप्ताह…

3 hours ago

इस देश में आया 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, खाली कराए गए अस्पताल

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में मंगलवार को आए 6.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों…

4 hours ago