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world happiness index: भारत के लोग खुश नहीं है ! वर्ल्ड हैपिनेस इंडेक्स में पता चला

भारत के लोग खुश नहीं है। क्योंकि वर्ल्ड हैपिनेस इंडेक्स में भारत की स्थिति थोड़ी बहुत तो सुधरी है। लेकिन हम पाकिस्तान और नेपाल से भी पीछे हैं। एक बार फिर फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश घोषित किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि लगातार आठ साल से फिनलैंड अपना पहला स्थान बरकरार रखने में सफल साबित हुआ है। यानि कि युरोप का ये देश दुनिया में सबसे ज्यादा खुशहाल है

भारत वर्ल्ड हैपिनेस इंडेक्स  में 118वें नं. पर 

वहीं जब भारत की बात करें तो 147 देशों में अपना भारत 118वें स्थान पर है। तो आप सोच सकते हैं कि भारत के लोग खुश हैं ही नहीं। हैपिनेस रिपोर्ट में इस साल भारत का स्कोर हालांकि सुधरा है। ये सुधरकर 4.389 हो गया है। लेकिन भ्रष्टाचार की धारणा और लोगों के बीच उदारता की कमी ने इसकी रैंकिंग पर नकारात्मक असर डाला है

पिछली बार से सुधरी भारत की रैंकिंग

वर्ष 2022-24 के खुशी सूचकांक में 2021-23 की अपेक्षा भारत ने अपने स्कोर में मामूली सुधार किया है। विश्व खुशी रिपोर्ट 2025 में यह बात सामने आई है। यह रिपोर्ट गुरुवार को जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार खुशी सूचकांक में भारत का स्कोर 10 में से 4.389 पर आ गया है, जो पहले 4.054 था। रिपोर्ट में जिन 147 देशों का विश्लेषण शामिल किया गया, उनमें भारत 118वें नंबर है।

पहले भारत  143 देशों में 126वें स्थान पर था। चौंकाने वाली बात यह है कि लगातार आर्थिक चुनौतियों से जूझने के बावजूद प्रसन्न रहने के मामले में पाकिस्तान का प्रदर्शन भारत से बेहतर रहा है। हैप्पीनेस इंडेक्स पर उसका स्कोर 4.657 से बढ़कर इस बार 4.768 दर्ज किया गया है। लेकिन उसकी रैंकिंग 108 से गिरकर 109 पर आ गई है।

युद्ध से ग्रसित फिलिस्तीन के भी लोग खुश

कुछ लोग खुशी का स्तर मापने के लिए इस्तेमाल की गई विधि पर सवाल उठा सकते हैं। यह स्कोर अथवा व्यक्तिपरक खुशी का स्तर गैलप वर्ल्ड पोल (जीडब्ल्यूपी) में जीवन मूल्यांकन के सवाल पर राष्ट्रीय औसत प्रतिक्रिया पर आधारित होता है। आपको कुछ उदाहरण के आधार पर बताएं तो फिलिस्तीन जो युद्ध से ग्रसित है वहां के लोग भी भारत से ज्यादा खुश हैं।

भूखा पाकिस्तान भारत से आगे

वहीं पाकिस्तान उसके नीचे ही है लेकिन भारत से कहीं आगे है। ये वही पाकिस्तान है जहां आटे के लिए लड़ाई हो जाती है। मतलब आप समझ सकते हैं कि ये आकड़े कैसे हो सकते हैं। एक और चौंकाने वाली बात बताएं तो आप भी हैरान रह जाएंगे। भारत का स्थान यूक्रेन, मोजाम्बिक, ईरान, इराक, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा, गाम्बिया और वेनेजुएला जैसे संघर्ष प्रभावित देशों से भी खराब रहा। तो कुल मिलाकर सार यही है कि  वर्ल्ड हैपिनेस इंडेक्स पर कुछ सवाल तो उठाए जा सकते हैं।

 

By admin

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