WIFE PAK AGENT: नोएडा के एक कारोबारी ने लगाया आरोप
भारत में जहां एक ओर सेना सरहदों पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है, वही दूसरी ओर भारत में ही बैठे कुछ गद्दार पाकिस्तानी गतिविधियों को सपोर्ट कर रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमने देखा कि, कैसे भारत में ही रहकर कुछ लोग (WIFE PAK AGENT) पकिस्तानी जासूस बने बैठे हैं। अब इन जासूसों से देश को लड़ना और इन्हें खत्म करना एक बड़ा टास्क है।
अभी हालही की घटना के बारे में बताती हूं, जहां एक कारोबारी पति को अपनी पत्नी(WIFE PAK AGENT) पर शक था कि, वो एक पकिस्तानी जासूस(WIFE PAK AGENT) है… जी हां नोएडा के एक रियल एस्टेट कारोबारी को शक हुआ कि उसकी डॉक्टर पत्नी(WIFE PAK AGENT) पाकिस्तान की जासूस है। और उसकी पत्नी(WIFE PAK AGENT) ने पाकिस्तानी युवक से शादी की हुई है, उस शादी के बावजूद भी महिला ने झूठ बोलकर उससे विवाह किया।
विवाह तो किया लेकिन विवाह के करीब तीन महीने बाद ही वो लापता हो गई। जिसके बाद कारोबारी ने हर वो प्रयास किया कि, वो अपनी पत्नी(WIFE PAK AGENT) को वापिस ढूंढ़ कर ला सके, लेकिन उसका हर वो प्रयास फेल रहा। लेकिन इस दौरान उसे अपनी पत्नी(WIFE PAK AGENT) के बारे में कुछ ऐसी जानकारी मिली जिसने उसे बिल्कुल चौंका दिया और उसे बिल्कुल अंदर से तोड़ कर रख दिया। क्योंकि, उसे पता चला कि, उसकी पत्नी(WIFE PAK AGENT) पाकिस्तानी जासूस है। जिसके एक नहीं कई सबूत मिले। जिसके बाद कारोबारी ने इस संबंध में केंद्र सरकार और पुलिस से जांच की मांग की है।
नोएडा सेक्टर-105 की जज कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी लोकेश राठी का दावा है कि, उनकी पत्नी(WIFE PAK AGENT) न केवल पाकिस्तानी युवक से शादी कर चुकी है, बल्कि उनसे भी धोखे से विवाह किया और कुछ समय बाद रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई।
कारोबारी लोकेश राठी के मुताबिक, उनकी मुलाकात दिसंबर 2019 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से मथुरा की रहने वाली युवती से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और जल्द ही शादी भी हो गई। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल सका। लोकेश का कहना है कि, शादी के कुछ ही महीनों बाद, 12 मार्च 2020 को उनकी पत्नी(WIFE PAK AGENT) मथुरा में होली मनाने के बहाने गई और फिर वापस नहीं लौटी।
पत्नी(WIFE PAK AGENT) की तलाश में लोकेश ने दिल्ली के द्वारका और नोएडा के सेक्टर-39 थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान लोकेश के सामने एक-एक कर कई चौंकाने वाली सच्चाइयां सामने आने लगीं, जिसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी।
लोकेश का कहना है कि, उनकी पत्नी(WIFE PAK AGENT) साल 2004 में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए चीन गई थी, जहां 2008 में उसकी शादी एक पाकिस्तानी युवक अतीक से हुई। 2009 में उनके एक बेटे का जन्म हुआ, जो वर्तमान में पाकिस्तान में रह रहा है। महिला(WIFE PAK AGENT) चीन में रहते हुए कई बार पाकिस्तान भी गई थी।
राठी के मुताबिक, महिला(WIFE PAK AGENT) मई 2012 में पाकिस्तान गई और तीन महीने 17 दिन वहीं रही। इसके बाद कुछ दिन भारत में रहकर फिर पाकिस्तान लौटी। पाकिस्तान की इन यात्राओं से और वहां मौजूद रिश्तों ने शक को गहरा कर दिया।
लोकेश राठी ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली और नोएडा पुलिस के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी पत्र भेजकर विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि, इस महिला के पासपोर्ट, यात्रा इतिहास और उसके पाकिस्तानी संपर्कों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि, जब उन्होंने खुद से जानकारी जुटाने की कोशिश की, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। इन धमकियों को लेकर भी उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
इस पूरे प्रकरण में एक और मोड़ तब आया जब कारोबारी की पत्नी ने खुद ही दिल्ली के द्वारका थाने में लोकेश राठी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया। इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है, जिसे लोकेश ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
वहीं घरेलू हिंसा के मामले में कोर्ट की सुनवाई चल रही है, लेकिन पत्नी के बार-बार कोर्ट में पेश न होने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि देश के भीतर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां किस तरह से नेटवर्क फैला रही हैं।
सवाल यह उठता है कि जब एक महिला चीन में पढ़ाई के दौरान पाकिस्तानी नागरिक से शादी कर चुकी थी, तो उसने भारत लौटने के बाद किस तरह दोबारा विवाह किया? क्या उसने अपने विवाह का विवरण छिपाया? क्या यह कानूनी रूप से वैध था? और सबसे बड़ा सवाल- क्या इस महिला का मकसद किसी खुफिया एजेंसी के लिए काम करना था?
लोकेश राठी का यह मामला देश में उन तमाम मामलों की तरफ इशारा करता है, जिनमें आम नागरिकों के व्यक्तिगत जीवन में दुश्मन देशों की घुसपैठ की आशंका है।
अब जरूरत है कि, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच हो। केंद्र सरकार और खुफिया एजेंसियों को इस मामले को केवल पारिवारिक विवाद न मानते हुए इसे संभावित जासूसी गतिविधि के तौर पर देखना चाहिए।
अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ एक व्यक्ति का विश्वासघात है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी गंभीर खिलवाड़ है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जांच एजेंसियां कितनी तेजी से सच्चाई सामने लाती हैं।
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