सीकर: राजस्थान के सीकर जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव नैन ने पदभार संभालने के बाद खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर जिले में सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने खाटूधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
खाटूश्यामजी पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
खाटूश्यामजी पहुंचने पर एएसपी दीपक गर्ग और थाना प्रभारी पवन कुमार दुलड़ ने एसपी संजीव नैन की अगवानी की। पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद संजीव नैन ने बाबा श्याम के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की।
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने उनका श्याम दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया और प्रतीक चिह्न भेंट किया। एसपी ने मंदिर की दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर कमेटी के पदाधिकारियों से जानकारी ली।
नशे और अपराध पर फोकस
पदभार संभालने के बाद संजीव नैन ने जिले में नशे की रोकथाम को लेकर विशेष कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए विशेष टीमों के गठन और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की बात कही है।
उन्होंने कहा कि खाटूश्यामजी में चैन स्नैचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष योजना बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
खाटू के होटलों पर भी रहेगी नजर
सीकर के नए एसपी ने खाटूश्यामजी के होटलों में होने वाली अनैतिक गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाने की बात कही है। उनका कहना है कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कौन हैं IPS संजीव नैन?
संजीव नैन राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने राजस्थान पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। सीकर एसपी बनने से पहले वह अलवर, टोंक और दौसा के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।
इसके अलावा संजीव नैन जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में DCP के पद पर भी तैनात रहे हैं। वह जयपुर में DCP क्राइम की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हाल ही में राजस्थान सरकार ने उनका तबादला करते हुए उन्हें सीकर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है।
सीकर में क्या होंगी प्रमुख चुनौतियां?
सीकर एसपी के तौर पर संजीव नैन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, चैन स्नैचिंग पर नियंत्रण और नशे के खिलाफ कार्रवाई जैसी चुनौतियां रहेंगी। खासतौर पर खाटूधाम में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए पुलिस व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।
