उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी जिले खीर गंगा क्षेत्र में बादल फटने से धराली बाजार मलबे में तब्दील हो गया है। वहीं, क्षेत्र में हालात इतने भयावह हो गए है कि जिला प्रशासन तुरंत राहत-बचाव कार्य में जुट गया है।
वहीं, गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीर गंगा नदी में विनाशकारी बाढ़ आ गई है। बाढ़ के चलते 20 से 25 होटल व होमस्टे तबाह हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि,खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में ऊपर कहीं बादल फटा, जिस कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई है। बाढ़ से लोगों में दहशत का माहौल है।

बता दें कि, कई लोगों के बहने की सूचना मिल रही है। प्रशासन ने अब तक चार लोगों के मौत की पुष्टि की है। बताया गया कि उत्तरकाशी में बादल फटने से लगभग 12 मजदूर दबे होने की सूचना है जबकि, 60 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
सीएम धामी ने जताया दुख
उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने भी इस घटना पर दुःख जताया है। उन्होंने कहा कि धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। इस सम्बन्ध में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूँ और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।
सेना भी हुई रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल
बता दें कि, बादल फटने की घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना भी शामिल हुई है। एक बयान में कहा गया कि हर्सिल के निकट धराली गांव में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिससे इलाके में अचानक मलबा और पानी का बहाव शुरू हो गया। जवानों को तुरंत तैनात किया गया और वे स्थिति का आकलन करने और बचाव अभियान चलाने के लिए प्रभावित स्थल पर पहुँच गए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है इस प्राकृतिक आपदा के दौरान सेना हमारे नागरिकों के समर्थन में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
