देश

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर हंगामा, खड़गे ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा

राज्यसभा में गुरुवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उनके बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ।

खड़गे ने छात्रों की चोटों का उठाया मुद्दा

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा:

“पेपर चुराने वाले बचते रहे,
मेहनत करने वाले पिटते रहे,
ये कैसा न्याय, ये कैसी रीत,
गुनहगार हंसते रहे,
मासूम सिसकते रहे।”

इसके बाद उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान कई छात्रों के हाथ-पैर टूटे और कई घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को पैलेट गन के छर्रे भी लगे। खड़गे ने पूछा कि इस कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा और कहा कि इसकी जवाबदेही गृह मंत्रालय की है।

अमित शाह पर साधा निशाना

खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री भले ही सदन में मौजूद न हों, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देना होगा। उनके बयान के दौरान उन्होंने कहा कि “जनशक्ति एक दिन जवाब जरूर मांगेगी।” इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध जताया।

जेपी नड्डा ने उठाया असंसदीय भाषा का मुद्दा

खड़गे की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को भावनाओं में बहकर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिन्हें असंसदीय माना जा सकता है। उन्होंने सभापति से संबंधित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग भी की।

खड़गे ने दी सफाई

विवाद बढ़ने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका आशय किसी व्यक्ति को जबरन बाहर लाने से नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका मतलब जनता और जनशक्ति से था, जो लोकतांत्रिक तरीके से जवाब मांगती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।

सरकार से मांगा इस्तीफा

अपने भाषण में खड़गे ने दावा किया कि छात्र आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए और कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की जिम्मेदारी लेने और इस्तीफा देने की मांग की।

बिल पर भी उठाए सवाल

मल्लिकार्जुन खड़गे ने एंटी पेपर लीक बिल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नए विधेयक में सिर्फ सजा और जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है, जबकि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने वर्ष 2024 में भी परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव दिए थे, लेकिन उस समय सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। खड़गे के अनुसार अब सरकार उसी कानून में संशोधन करने को मजबूर हुई है।

ये भी पढ़ें:

admin

Recent Posts

तिलक वर्मा का बदला अंदाज, अब पहली गेंद से करेंगे अटैक; टीम इंडिया की नजरें 5-0 के क्लीन स्वीप पर

नई दिल्ली भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा का बल्लेबाजी क्रम बदलने के साथ…

6 hours ago

तिलक वर्मा का बदला अंदाज, अब पहली गेंद से करेंगे अटैक; टीम इंडिया की नजरें 5-0 के क्लीन स्वीप पर

नई दिल्ली भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा का बल्लेबाजी क्रम बदलने के साथ…

6 hours ago

रवींद्र जडेजा से छिना टेस्ट में नंबर-1 ऑलराउंडर का ताज, 1683 दिन बाद ICC रैंकिंग में बड़ा उलटफेर

 दुबई ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की जारी ताजा रैंकिंग में एक चीज सामने आई, जिसने…

6 hours ago

कर्नाटक SIR पर कांग्रेस मंत्री का बयान, बोले- मतदाता सूची से एक करोड़ नाम हटाने में नहीं हुई गड़बड़ी

 बेंगलुरु कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR…

6 hours ago

HealthWealth Summit 2026: जेपी नड्डा बोले- अब इलाज के लिए गरीबों को घर-जमीन बेचने की मजबूरी नहीं

नई द‍िल्ली एक वक्त था जब घर में किसी को गंभीर बीमारी (जैसे कैंसर या…

6 hours ago

भारत ने जिम्बाब्वे का 3-0 से किया क्लीन स्वीप, स्मृति मंधाना-हरमनप्रीत के बीच हैंडशेक पर चर्चा

नई दिल्ली भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को विमेंस वनडे सीरीज के तीसरे एवं आखिरी मुकाबले…

7 hours ago