UP Budget 2026: योगी सरकार का 10वां बजट, जानिए किसे क्या मिला ?UP Budget 2026: योगी सरकार का 10वां बजट, जानिए किसे क्या मिला ?

UP Budget 2026: योगी सरकार का 10वां बजट, जानिए किसे क्या मिला ?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपना दसवां बजट पेश कर इतिहास रच दिया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रस्तुत 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह दस्तावेज राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। पिछले वर्ष से 12.2 प्रतिशत अधिक यह बजट ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ाने का मजबूत आधार बनेगा।

बजट का व्यापक चित्र

कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये के व्यय में पूंजीगत निवेश पर 19.5 प्रतिशत (1.77 लाख करोड़) का बल दिया गया। इससे बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। वित्तीय घाटा तीन प्रतिशत पर अंकुशित रख 16वें वित्त आयोग के मानदंडों का पालन किया गया। शिक्षा को 12.4, स्वास्थ्य को छह तथा कृषि को नौ प्रतिशत हिस्सा मिला। 43,565 करोड़ नई योजनाओं के लिए आरक्षित हैं, जो महिलाओं, युवाओं, किसानों व उद्योगों को लक्षित करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘विकसित यूपी-2047’ का खाका बताया।

 

क्षेत्रीय आवंटनों की रूपरेखा

क्षेत्र           हिस्सा (%)    प्रमुख पहल

शिक्षा          12.4          स्किल सेंटर, महिला हॉस्टल

स्वास्थ्य        6               ट्रॉमा सेंटर, मेडिकल कॉलेज

कृषि           9                 एग्री-एक्सपोर्ट हब, किसान कल्याण

इंफ्रा          19.5          एक्सप्रेसवे, रेल कॉरिडोर

उद्योग                        ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप

 

पूंजीगत खर्च से आर्थिक चक्र तेज होगा, जो विकास की रफ्तार बढ़ाएगा।

कृषि और ग्रामीण उन्नयन

कृषि को प्राथमिकता में विश्व बैंक समर्थित UP-AGREES प्रोजेक्ट के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब बनेगा। फसल बीमा, सब्सिडी व मंडी सुधार से किसानों की कमाई दोगुनी होगी। सिंचाई व ग्रामीण सड़कों पर भारी प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे। वनावरण में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचे यूपी में जीरो बजट व जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण से सतत विकास सुनिश्चित होगा।

शिक्षा और युवा ऊर्जा

शिक्षा क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट को मिशन मोड में लिया गया। PPP आधारित महिला सेंटर्स व ट्रेनिंग सेंटरों का विस्तार होगा। मेधावी छात्राओं को स्कूटी व लैपटॉप से सम्मानित किया जाएगा। 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य तकनीकी कौशल पर केंद्रित है। AI सिटी, डेटा सेंटर व सेमीकंडक्टर नीति से आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र फलेगा। बेरोजगारी पर प्रहार करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य और महिला उत्थान

हर जिले में ट्रॉमा सेंटर व नए मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ करेंगे। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से पांच लाख तक मुफ्त उपचार जारी रहेगा। महिलाओं हेतु सामूहिक विवाह में एक लाख की सहायता, विधवा पेंशन व कन्या सुमंगला को मजबूती मिलेगी। महिला हॉस्टल व स्किल सेंटर से आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। लिंग समानता का यह कदम सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगा।

इंफ्रा और औद्योगिक प्रगति

मेरठ-हरिद्वार व बुंदेलखंड-रीवा एक्सप्रेसवे का निर्माण तेज होगा। डिफेंस कॉरिडोर व दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल को गति मिलेगी। ‘जन विश्वास’ सिद्धांत से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधरेगा। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप से स्टार्टअप्स को पंख लगेंगे। अयोध्या, मथुरा व सरनाथ के पर्यटन विकास हेतु 100-150 करोड़ आवंटित। सरनाथ-हस्तिनापुर को केंद्रीय सहायता से जोड़ा गया। पर्यटन कॉरिडोर राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर ले जाएगा।

आर्थिक लक्ष्य और उपलब्धियां

2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर व 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना साकार होगा। जीडीपी 2017-18 के 12.89 लाख करोड़ से 2024-25 में 27.51 लाख करोड़ पहुंची। 2027 चुनाव पूर्व यह ‘विदाई बजट’ सभी वर्गों को समर्पित है। निवेश, रोजगार व इंफ्रा से यूपी अग्रणी राज्य बनेगा।

प्रतिक्रियाएं और भविष्य दृष्टि

विपक्ष ने इसे चुनावी बजट कहा, पर सरकार ने समावेशी विकास का दावा किया। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ मंत्र से सभी का कल्याण होगा। योगी सरकार की दस वर्षीय उपलब्धियों का प्रतिबिंब यह बजट आत्मनिर्भर यूपी की नींव रखेगा। निवेश आकर्षण व रोजगार सृजन से राज्य समृद्धि के पथ पर अग्रसर होगा। यह विस्तृत विश्लेषण विकास यात्रा को उजागर करता है।