UP में जबरिया मतांतरण पर योगी सरकार सख्त
उत्तर प्रदेश में जबरिया मतांतरण के मामलों को लेकर सरकार ने सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है। बलरामपुर निवासी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर द्वारा सैकड़ों महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने की घटनाओं ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। प्रदेश सरकार इस प्रकरण को सिर्फ सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र मान रही है और इसकी तह तक जाने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी के एटीएस समेत अन्य जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने स्पष्ट किया है कि, इस गंभीर प्रकरण की विवेचना तेजी से चल रही है। प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि, एटीएस को अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों का सहयोग मिलेगा ताकि, पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके। अगर किसी स्थानीय स्तर पर पुलिस या अन्य संस्थाओं की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी साक्ष्य जुटाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की पड़ताल में सामने आया है कि, जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने अब तक 4,000 से अधिक लोगों का जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन कराया है, जिनमें 100 से अधिक हिंदू महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण का दबाव बनाया गया। ये गतिविधि योजनाबद्ध और संगठित रूप से संचालित की जा रही थी। गिरोह की फंडिंग में विदेशी सहायता की भूमिका भी सामने आई है, जिससे इस पूरे प्रकरण के अंतरराष्ट्रीय पहलू की भी जांच की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, गिरोह को अलग-अलग देशों से आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी और इन पैसों का प्रयोग मतांतरण की गतिविधियों में किया जा रहा था। जांच में अब तक 40 अलग-अलग बैंक खातों से 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी मिली है। ये केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ विषय बन चुका है।
प्रदेश सरकार ने बलरामपुर में जलालुद्दीन के ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर उसकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया है। इसके अलावा छांगुर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। जिन भी लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस राष्ट्रविरोधी गतिविधि में सहयोग दिया है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए साफ कहा है कि इस प्रकार की समाजविरोधी गतिविधियों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो समाज के लिए मिसाल बनेगी। सीएम योगी ने ये भी स्पष्ट किया कि, राज्य में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है, और उनकी सरकार इस दिशा में किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जलालुद्दीन की गतिविधियां सिर्फ समाज विरोधी नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी भी हैं।”
उन्होंने ये भी कहा कि, ऐसे गिरोह जो राज्य की शांति और सौहार्द को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार उनकी संपत्तियों को जब्त कर कानूनी रूप से कड़ा दंड देगी।
सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं है, बल्कि समाज में एक चेतना फैलाना भी है ताकि इस तरह की गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके। पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि, किसी भी धर्मांतरण संबंधी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और तत्परता से कार्रवाई की जाए।
जलालुद्दीन उर्फ छांगुर द्वारा संचालित जबरिया मतांतरण का ये मामला केवल एक व्यक्ति या एक गिरोह की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश और सुनियोजित योजना का संकेत मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में किसी भी धर्म विशेष या वर्ग के नाम पर जबरन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में इस प्रकरण पर और भी बड़े खुलासे संभव हैं, जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी होंगी।

