Union Minister Shivraj Singh Chouhan is on ISI radar: ISI के निशाने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को एक अहम पत्र भेजकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा को लेकर गंभीर जानकारी साझा की है। पत्र में बताया गया है कि शिवराज सिंह चौहान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निशाने पर हैं। इस इनपुट के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं और केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि आईएसआई शिवराज सिंह चौहान से जुड़ी जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रही थी। इसी आधार पर गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश पुलिस को सतर्क किया और तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। पत्र मिलने के बाद दिल्ली और भोपाल, दोनों जगहों पर शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। शुक्रवार देर रात भोपाल स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती देखी गई।
फिलहाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसे भारत में सबसे उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है। इसके बावजूद हालिया खुफिया इनपुट को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उनके सुरक्षा घेरे को और सख्त कर दिया है। इसमें उनकी आवाजाही, सार्वजनिक कार्यक्रमों और आवासीय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई है।
सुरक्षा बढ़ाए जाने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान ने अपने नियमित सार्वजनिक कार्यक्रमों को जारी रखा है। बढ़े हुए अलर्ट के बीच भी वे शनिवार को पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अपने परिवार के सदस्यों के साथ पौधा लगाया। इस मौके की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि प्रतिदिन पौधारोपण के संकल्प के क्रम में आज भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अपने भांजे-भांजियों और भाई-बहनों के साथ पौधा रोपा। उन्होंने पौधारोपण को जीवन रोपने जैसा बताते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों को बेहतर वातावरण देने के लिए सभी को मिलकर पौधे लगाने चाहिए और धरती को हरा-भरा व समृद्ध बनाना चाहिए। उन्होंने पौधारोपण अभियान से जुड़ने के लिए लोगों से रजिस्ट्रेशन करने की भी अपील की।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान के हर मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उनके कार्यक्रमों से पहले सुरक्षा जांच और मार्गों की चेकिंग को और सख्त कर दिया गया है। दिल्ली में भी उनके सरकारी आवास और मंत्रालय से जुड़े परिसरों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
Z+ सुरक्षा व्यवस्था के तहत किसी भी विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में अत्यधिक प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाता है। Z+ सिक्योरिटी में आमतौर पर 10 से अधिक एनएसजी कमांडो शामिल होते हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को मिलाकर कुल करीब 55 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी सुरक्षा घेरे का हिस्सा होते हैं। इन कमांडो को विशेष रूप से मार्शल आर्ट्स, हथियार संचालन और वीवीआईपी सुरक्षा में दक्ष बनाया जाता है। हर गतिविधि के लिए अलग-अलग सुरक्षा परतें बनाई जाती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
शिवराज सिंह चौहान भारतीय राजनीति के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पहली बार उन्होंने 29 नवंबर 2005 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 12 दिसंबर 2008 को दूसरी बार, 8 दिसंबर 2013 को तीसरी बार और 23 मार्च 2020 को चौथी बार उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। लंबे समय तक मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने और वर्तमान में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभालने के कारण वे राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान किसानों से जुड़े मुद्दों, कृषि सुधार और ग्रामीण विकास से संबंधित नीतियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी वजह से उनकी सुरक्षा से जुड़ा कोई भी खतरा राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जाता है।
गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र के बाद मध्य प्रदेश पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और खुफिया तंत्र के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे का आकलन कर रही हैं और समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। भोपाल और दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान के आवास, दफ्तर और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

