Union Minister Giriraj Singh in Ghazipur: गाजीपुर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया विवादित बयानUnion Minister Giriraj Singh in Ghazipur: गाजीपुर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया विवादित बयान

Union Minister Giriraj Singh in Ghazipur: गाजीपुर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया विवादित बयान

 

 

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अंसारी बंधुओं को “लुटेरा और आतंकवादी” करार दिया और साथ ही आरजेडी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं और सनातन धर्म को कमजोर करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का वास्तविक दुश्मन अगर कोई है, तो वह सपा और आरजेडी जैसी पार्टियां हैं, जो वर्षों से तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त रही हैं।

गाजीपुर में विधायक कृष्णानंद राय के शहादत दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे गिरिराज सिंह ने अंसारी बंधुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लुटेरे, कमीने और आतंकी लोग क्षणिक लाभ के लिए किसी के साथ भी हो सकते हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि क्या ऐसे लोगों को समाज का नेतृत्व सौंप दिया जाए? क्या उन्हें ब्लॉक प्रमुख या ठेकेदार बनाकर समाज के ऊपर थोप दिया जाए? गिरिराज सिंह ने दावा किया कि हिंदुओं को यदि एकजुट नहीं किया गया, तो आगे भी शहादतें होती रहेंगी।

उन्होंने कहा कि मुगल शासनकाल ने हिंदू समाज को जातिगत आधार पर बांटने का बीज बोया और अंग्रेजों ने इसे और गहरा किया। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन काल में मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, उन्हें टिकट दिया गया, परंतु समाज के किसी वास्तविक विकास की ओर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मदर टेरेसा जैसे नामों की आड़ में धर्मांतरण को बढ़ावा दिया और सनातन संस्कृति को बदनाम करने का काम किया।

मदर टेरेसा को मिले नोबेल शांति पुरस्कार पर भी गिरिराज सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और मदर टेरेसा जैसे लोगों ने सामाजिक सेवा की आड़ में ईसाई धर्म के प्रसार को बढ़ावा दिया। उन्होंने दावा किया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि हिंदू समाज कमजोर हो और सनातन संस्कृति पर हमला हो सके।

अपने संबोधन में गिरिराज सिंह ने गाजीपुर के शहीदों को याद करते हुए कहा कि जैसे मंगल पांडे ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था, उसी तरह गाजीपुर के शिवपूजन राय और अन्य आठ शहीदों ने उस संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि कृष्णानंद राय सहित छह लोगों की शहादत कभी व्यर्थ नहीं जा सकती। उन्होंने दावा किया कि कृष्णानंद राय ने न केवल अपराधियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, बल्कि अंसारी बंधुओं के आतंक से भी पूर्वांचल को मुक्त कराया।

गिरिराज सिंह ने अपने भाषण में राजनीति पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी अब जयचंद को खोज रहे हैं, जबकि उनके ही भाई तेज प्रताप कह रहे हैं कि जयचंद घर में ही छिपा है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने भाई, बहू और बहन का नहीं हो सकता और जिसने भारतीय संस्कृति का अपमान किया है, वह किसी और का हितैषी कैसे हो सकता है?

गिरिराज सिंह के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गिरिराज सिंह अपने बयानबाज़ी के जरिए साफ तौर पर हिंदुत्व की राजनीति को और धार देने की कोशिश कर रहे हैं। वह लगातार ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं जिनसे भाजपा के पारंपरिक समर्थक वर्ग के बीच ध्रुवीकरण बढ़े।

अंसारी बंधुओं के संदर्भ में गिरिराज सिंह के बयान को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। गाजीपुर में कृष्णानंद राय की हत्या को लेकर अतीत में कई राजनीतिक और कानूनी विवाद हो चुके हैं, और गिरिराज सिंह ने उसी घटनाक्रम को दोबारा सामने लाते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अंसारी बंधुओं जैसे लोगों को राजनीति में संरक्षण सपा और आरजेडी की सरकारों ने ही दिया।
गिरिराज सिंह ने अपने भाषण में बार-बार यह दोहराया कि हिंदू समाज के सामने आज भी वही चुनौतियाँ खड़ी हैं जो इतिहास में रहीं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए खड़े हों। उनका कहना था कि विभाजनकारी राजनीति और तुष्टिकरण से केवल समाज कमजोर होता है और राष्ट्र की एकता पर खतरा पैदा होता है।

गाजीपुर का यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से अपराध, राजनीति और साम्प्रदायिक तनाव की चर्चाओं में रहा है। गिरिराज सिंह के बयान इस राजनीतिक माहौल को और अधिक तीखा बना सकते हैं, विशेषकर उस समय जब दोनों राज्यों में बड़े चुनावी समीकरण लगातार बदल रहे हैं।

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