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महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस के मौके पर पंजाब में संगरूर के सुनाम में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस श्रद्धांजलि समारोह में देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उधम सिंह को याद किया गया और उन्हें सच्चे दिल से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुनाम को उधम सिंह की धरती बताते हुए कहा कि यह कोई उपकार नहीं, बल्कि हमारा फर्ज है कि हम अपने शहीदों को याद करें और उन्हें सम्मान दें। इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने भवानीगढ़ से सुनाम तक की सड़क का नाम बदलकर “शहीद उधम सिंह मार्ग” रखे जाने की घोषणा की, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बलिदान की याद बनी रहे। साथ ही, केजरीवाल सरकार ने 85 करोड़ रुपए की नई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।

अब पंजाब में बदलाव नजर आने लगा है: केजरीवाल

अपने भाषण में केजरीवाल ने नशे के खिलाफ जारी मुहिम का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब पंजाब में बदलाव नजर आने लगा है। उन्होंने बिना नाम लिए बिक्रम मजीठिया पर तंज कसते हुए कहा कि अब वह समय गया जब पुलिस, प्रशासन और तस्कर किसी नाम से डरते थे। उन्होंने कहा, “जो सबसे बड़ा नशा तस्कर था, जो पहले सबको डराता था, आज वो जेल में है। आम आदमी पार्टी न तो डरती है, और न ही किसी माफिया को बख्शती है।” केजरीवाल और मान दोनों ने अपने भाषणों में यह भाव व्यक्त किया कि शहीदों ने जिस भारत का सपना देखा था, वह अब तक पूरी तरह से साकार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 साल बाद भी शहीदों की आत्मा शायद यह सोचती होगी कि क्या उन्होंने जो बलिदान दिए थे, क्या वो इसी भारत के लिए थे?

उधम सिंह के बलिदान को हिंदूस्तान भूला नहीं है: CM मान

मुख्यमंत्री मान ने उधम सिंह के बलिदान की कहानी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद उधम सिंह के दिल में बदले की आग जल उठी थी। उन्होंने 21 साल तक चुपचाप तैयारी की, कई मौके आए जब वे माइकल ओ’डायर को मार सकते थे, लेकिन उन्होंने तय किया कि वह एक मंच पर जाकर ही उसे सजा देंगे, ताकि पूरी दुनिया को पता चले कि हिंदुस्तान अपने शहीदों को भूला नहीं है।