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एक टिकट पर घूमिए पूरा भारत! जानें भारतीय रेलवे के सर्कुलर जर्नी टिकट के नियम, फायदे और बुकिंग प्रोसेस

मुंबई 
छुट्टियों के मौसम में परिवार या दोस्तों के साथ अलग-अलग धार्मिक स्थलों और टूरिस्ट प्लेस वाले शहरों के सफर (Pilgrimage & City Tour) का प्लान बनाना काफी रोमांचक होता है. हालांकि, हर नए शहर के लिए अलग-अलग ट्रेन टिकट बुक करना, बार-बार लाइनों में लगना और भारी किराया चुकाना बजट को बिगाड़ देता है। 

आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे सर्कुलर जर्नी टिकट (Circular Journey Ticket) की खास सुविधा प्रदान करता है. यह एक ऐसा विशेष ट्रैवल पास है, जिसके जरिए आप बार-बार अलग टिकट खरीदने के बजाय एक ही टिकट पर कई शहरों की यात्रा पूरी कर सकते हैं. यह टिकट मुख्य रूप से उन यात्राओं के लिए जारी किए जाते हैं, जिनकी यात्रा जिस स्टेशन से शुरू होती है, घूम फिर कर उसी स्टेशन पर आकर समाप्त होती है। 

सर्कुलर जर्नी टिकट से ऐसे होती है पैसे और समय की बचत
यह स्पेशल टिकट साधारण यानी पॉइंट-टू पॉइंट टिकटों के मुकाबले काफी किफायती और सुविधाजनक होता है. दरअसल, भारतीय रेलवे का नियम है कि यात्रा की दूरी जितनी अधिक होती है, प्रति किलोमीटर किराया उतना ही कम होता चला जाता है. सर्कुलर जर्नी टिकट में पूरी यात्रा की कुल दूरी को एक साथ जोड़कर किराया तय किया जाता है, जिससे कुल खर्च अलग-अलग टिकटों के मुकाबले बहुत कम हो जाता है. अगर आप अलग-अलग ट्रेनों से यात्रा करते हैं, तो हर बार सुपरफास्ट, एक्सप्रेस या सप्लीमेंट्री चार्ज देना पड़ता है. सर्कुलर टिकट में एक्स्ट्रा चार्ज सिर्फ एक ही बार लिया जाता है. हर नए शहर या स्टेशन से अगली ट्रेन पकड़ने के लिए आपको नए सिरे से टिकट काउंटर पर लाइन में लगने या बार-बार ऑनलाइन बुकिंग करने का तनाव नहीं रहता है। 

ये हैं सर्कुलर जर्नी टिकट के मुख्य नियम और शर्तें
सफर पर निकलने से पहले रेलवे की ओर से तय किए गए कुछ अहम नियमों को जानना जरूरी है.  सर्कुलर टिकट पर पूरी यात्रा के दौरान आप अपनी पसंद के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा 8 स्टेशनों पर यात्रा विराम ले सकते हैं. इस टिकट की वैधता 56 दिनों तक रहती है, जिसका अर्थ है कि आप बिना किसी जल्दबाजी के आराम से हर शहर को एक्सप्लोर करते हुए सफर पूरा कर सकते हैं. यह सुविधा स्लीपर क्लास (Sleeper) से लेकर 3rd AC, 2nd AC, 1st AC और फर्स्ट क्लास तक सभी श्रेणियों में मिलती है. अगर कुल यात्रा की दूरी 1,000 किलोमीटर या उससे ज्यादा है, तो वरिष्ठ नागरिकों को किराए में नियम के मुताबिक विशेष छूट का लाभ मिलता है। 

जानें क्या होते हैं सर्कुलर टिकट के मानक और गैर मानक रूट
रेलवे ग्राहकों की सुविधा के हिसाब से दो तरह के सर्कुलर जर्नी टिकट की पेशकश करता है. इनमें से एक है मानक यानी रेलवे ने पहले से ही कुछ मशहूर पर्यटन, सांस्कृतिक और तीर्थ स्थलों को जोड़कर फिक्स टूरिस्ट रूट तय किए हुए हैं. आप सीधे काउंटर पर जाकर बने-बनाये मानक रूटों में से एक चुन सकते हैं. वहीं, दूसरा है गैर मानक यानी अगर आप अपनी पसंद के हिसाब से नए शहरों और अपनी सुविधा के मुताबिक रूट का चयन करना चाहते हैं, तो आप खुद की यात्रा का रूट तैयार कर सकते हैं। 

सर्कुलर टिकट बुक करने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
सर्कुलर जर्नी टिकट को सामान्य टिकट की तरह सीधे IRCTC ऐप या रिजर्वेशन काउंटर से नहीं खरीदा जा सकता. इसके लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया अपनानी होगी. यानी पहले आपको अपना रूट प्लान बनाना होगा. इसके बाद कमर्शियल मैनेजर से अप्रूवल लेना होगी, फिर बुकिंग काउंटर से टिकट लेना होगा. इसके बाद आप सीट रिजर्वेशन करा सकते हैं। 

    सबसे पहले उन सभी स्टेशनों या शहरों की एक सूची तैयार करें जहां-जहां आप रुकना चाहते हैं. ध्यान रखें कि यात्रा का शुरुआती और अंतिम स्टेशन एक ही होना चाहिए। 

    अपने नजदीकी मुख्य स्टेशन के डिविजनल कमर्शियल मैनेजर या स्टेशन मैनेजर से मिलकर अपना रूट प्लान दिखाएं. वे आपके रूट की कुल दूरी की गणना करके किराए का एक स्वीकृत फॉर्म तैयार करेंगे। 

    इस अप्रूव्ड फॉर्म को अपने स्टेशन के पैसेंजर रिजर्वेशन काउंटर पर ले जाएं, तय किराया जमा करें और अपना सर्कुलर जर्नी पास प्राप्त करें। 

    ध्यान दें कि सर्कुलर जर्नी टिकट केवल यात्रा की अनुमति देता है, सीट या बर्थ की गारंटी नहीं. टिकट लेने के बाद आपको रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर अपनी यात्रा के प्रत्येक चरण के लिए अलग से रिजर्वेशन फॉर्म भरना होगा और केवल रिजर्वेशन फीस देकर अपनी सीट बुक करनी होगी। 

Rupesh Jha

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