उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा: लोनी के घर में भीषण आग, तीन बच्चों और एक महिला की मौत

गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में रविवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां एक घर में भीषण आग लगने से तीन मासूम बच्चों समेत एक महिला की मौत हो गई। इस हादसे में एक बच्चा और एक महिला झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी।

घटना का विवरण

लोनी कोतवाली क्षेत्र के कंचन पार्क कॉलोनी में रविवार सुबह लगभग 6 बजे चार मंजिला मकान की तीसरी मंजिल में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन बच्चे – जीशान (7), अयान (4), और शान (8) – और महिला गुलबहार (32) की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मकान की चौथी मंजिल पर अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। सुबह अचानक तीसरी मंजिल से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। इससे पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई। शाहनवाज, उनकी पत्नी आयशा, और उनका बेटा जान ने पड़ोसी की छत से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, अन्य सदस्य अंदर फंस गए और आग की चपेट में आ गए।

घायल और मृतकों का विवरण

इस हादसे में जान (4) और आयशा (30) घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहीं, मृतकों में गुलबहार, जीशान, अयान और शान शामिल हैं। परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी ने उन्हें सदमे में डाल दिया है।

आग का संभावित कारण

पुलिस और दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आग तीसरी मंजिल पर रखे सिलाई मशीन के सामान और कपड़ों में लगी। संभावना जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी। तीसरी मंजिल पर रखे ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़कने में मदद की।

घटना के बाद का माहौल

आग लगने की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और पड़ोसी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने परिवार के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण वे सफल नहीं हो सके। कुछ समय बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।

प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी ग्रामीण समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

गाजियाबाद

परिवार का परिचय

मूल रूप से मेरठ के मवाना के रहने वाले शाहनवाज और उनके भाई शमशाद पिछले 30 वर्षों से लोनी के कंचन पार्क कॉलोनी में रह रहे हैं। दोनों भाई सिलाई का काम करते हैं और अपने परिवार के साथ चार मंजिला मकान में रहते हैं। शाहनवाज की पत्नी गुलबहार और उनके दो बच्चे जीशान और अयान इस हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, शमशाद के परिवार में उनकी पत्नी आयशा और दो बेटे शान और जान हैं।

अचानक कैसे बढ़ी आग?

शनिवार रात सभी परिवारजन मकान की चौथी मंजिल पर सो रहे थे। सुबह तीसरी मंजिल पर आग लगने से धुआं पूरे मकान में फैल गया। आग ने इतनी तेजी से चौथी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया कि वहां सो रहे लोग बाहर नहीं निकल सके। धुआं और आग की वजह से बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया।

स्थानीय लोगों की भूमिका

घटना के समय स्थानीय लोगों ने परिवार की मदद के लिए तत्परता दिखाई। शोर सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि, आग की तीव्रता के कारण उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।

दमकल विभाग की कार्रवाई

दमकल विभाग को सूचना देने के बाद उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाया। दमकलकर्मियों ने घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक चार लोगों की जान जा चुकी थी।

प्रभाव और प्रशासनिक बयान

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना दिया है। डीसीपी ग्रामीण ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि आग के सही कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल

इस घटना ने आग से बचाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए। इस घटना में यदि आग बुझाने के उपकरण या अन्य सुविधाएं होतीं, तो शायद नुकसान कम हो सकता था।

 

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