केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल समाप्त हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने मंत्रिपद छोड़ने का फैसला लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में बीजेपी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके कारण उनका संसद सदस्य के रूप में कार्यकाल आगे नहीं बढ़ सका।
कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को खत्म हुआ था। इसके बाद उन्होंने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया। वह केरल से आते हैं और मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे।
इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हुआ है। हालांकि उन्हें अभी मंत्री पद से नहीं हटाया गया है और वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
जॉर्ज कुरियन का जन्म 1960 में केरल के कोट्टायम में हुआ था। पेशे से वे सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। बीजेपी की स्थापना के शुरुआती दौर से ही वे पार्टी से जुड़े रहे हैं। राजनीति में लंबे अनुभव के अलावा वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। बाद में उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनने का मौका मिला।
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