उत्तराखंड के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण नाले और नदियां उफान पर है। वहीं, लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से मैदानी इलाकों में मुसीबत बन सकती है।
वहीं, हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल से मात्र .10 मीटर नीचे बह रहा है। पुलिस-प्रशासन और आपदा विभाग गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। जबकि नदी के उफान पर आने से किनारे खड़े वाहन खिलौने की तरह बहने लगे हैं। ऋषिकेश में भारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।
हरिद्वार में गंगा का विकारल रूप
बता दें कि, हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज पर गंगा का वार्निंग लेवल 293 मीटर है जबकि खतरे का लेवल 294 मीटर है। फिलहाल अभी गंगा का जलस्तर 292.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से मात्र 10 मीटर ही नीचे है। ऐसे में मैदानी इलाकों में बाढ़ खतरा बढ़ गया है।
परमार्थ निकेतन घाट पर भगवान शंकर की मूर्ति तक पानी पहुँच गया है। खारास्रोत नदी में उफान से पुल टूट गया और वाहन बह गए। पुलिस-प्रशासन लोगों को अलर्ट कर रहा है और साथ ही अपील भी कर रहा है कि इस समय नदियों के किनारे न जाएं।
मौसम विभाग की अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
आपको बता दें कि मौसम विभाग ने पहले ही 3 और 4 अगस्त को राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। सोमवार 4 अगस्त सुबह मौसम विभाग ने जो प्रेस नोट जारी किया है, उसके मुताबिक अगले 24 घंटे यानी कल सुबह करीब 10 बजे तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी।
