Sunny Leone’s New Year’s Eve concert: मथुरा में नए साल पर होने वाला सनी लियोन का कार्यक्रम रद्द
नए साल के आगमन को लेकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मथुरा में प्रस्तावित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसने धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि अंततः कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।
मामला बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोन के एक कार्यक्रम से जुड़ा था, जो नए साल के अवसर पर मथुरा में आयोजित किया जाना था। जैसे ही इस कार्यक्रम की जानकारी सामने आई, वैसे ही मथुरा के साधु-संतों और धार्मिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। संतों का कहना था कि मथुरा, जो भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है, वहां इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन ब्रजभूमि की धार्मिक गरिमा के खिलाफ है।
इस विरोध का नेतृत्व श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मथुरा कोई पर्यटन या मनोरंजन का सामान्य स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र तीर्थ है, जहां योग, साधना, भजन और पूजा-पाठ की परंपरा रही है। उनके अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों से ब्रज की पहचान को ठेस पहुंचती है।
जानकारी के मुताबिक सनी लियोन का यह कार्यक्रम होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में आयोजित होना था। दिनेश फलाहारी महाराज ने इसे “ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश” करार देते हुए प्रशासन को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने मांग की कि इस आयोजन को तत्काल निरस्त किया जाए, अन्यथा साधु-संत आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सोमवार को साधु-संतों ने इस मुद्दे को लेकर खुलकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ‘जिंदाबाद’ और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए और कार्यक्रम को तुरंत रद्द करने की मांग दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मथुरा की पहचान धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में है और यहां ऐसे कार्यक्रमों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में लिखा कि यह दिव्य गोलोक भूमि है, जहां सदियों से साधना और भक्ति की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जा सकती। संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जिनका नाम कभी पोर्न फिल्मों से जुड़ा रहा हो, उनका ब्रजभूमि में आना धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा है।
साधु-संतों ने प्रशासन पर भी दबाव बनाया कि यदि कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सड़कों पर उतरने और व्यापक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई गई।
विवाद के बढ़ते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। स्थानीय पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया और पूरे मामले पर नजर बनाए रखी गई। प्रशासन ने आयोजकों से भी संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता था।
मंगलवार को आखिरकार यह स्पष्ट हो गया कि सनी लियोन का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद साधु-संतों ने राहत की सांस ली और इसे अपनी जीत बताया। वहीं आयोजकों की ओर से भी कार्यक्रम रद्द किए जाने की पुष्टि की गई, हालांकि उन्होंने इस पर खुलकर कुछ कहने से बचते हुए स्थिति को देखते हुए फैसला लेने की बात कही।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों पर मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सीमा क्या होनी चाहिए। मथुरा जैसे धार्मिक शहरों में पहले भी इस तरह के मुद्दों पर विरोध देखने को मिलता रहा है। प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में संतुलन बनाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, जहां एक ओर धार्मिक भावनाएं होती हैं तो दूसरी ओर पर्यटन और आयोजनों से जुड़ी गतिविधियां।
फिलहाल सनी लियोन के कार्यक्रम के रद्द होने के साथ यह मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन इस विवाद ने नए साल के जश्न के बीच मथुरा में धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक आयोजनों के टकराव को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

