सोना और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price Fall) में लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेज गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को कमजोरी के साथ बंद होने के बाद बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत के कुछ ही देर में चांदी के दाम अचानक तेजी से गिर गए और एक झटके में 4000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई। वहीं सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई और 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का भाव 600 रुपये से अधिक टूट गया।
चांदी में तेज गिरावट, हफ्ते में 5600 रुपये तक सस्ती
MCX पर चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव के बीच भारी गिरावट देखने को मिली। बुधवार को शुरुआती कारोबार में चांदी 2,72,628 रुपये प्रति किलो तक पहुंची, लेकिन इसके बाद तेजी से गिरकर 2,66,200 रुपये प्रति किलो पर आ गई। यानी कुछ ही समय में इसमें 4,428 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज हुई।
इस सप्ताह के केवल तीन कारोबारी दिनों में ही चांदी करीब 5,600 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। जनवरी के अपने रिकॉर्ड हाई 4,57,328 रुपये प्रति किलो की तुलना में अब चांदी लगभग 1.91 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ चुकी है।
सोने में भी दबाव, हाई से 46,000 रुपये नीचे
सोने की कीमतों में भी कमजोरी जारी है। MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना अपने पिछले बंद 1,57,616 रुपये से गिरकर 1,56,953 रुपये पर आ गया। 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा में सोना अपने हालिया उच्च स्तर 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम से अब तक करीब 46,031 रुपये सस्ता हो चुका है।
घरेलू बाजार में भी गिरावट का असर
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना 1,57,611 रुपये से घटकर 1,57,040 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह 2,66,213 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,61,710 रुपये प्रति किलो पर खुली।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (profit booking) माना जा रहा है, क्योंकि पिछले महीनों में सोना-चांदी में तेज उछाल देखने को मिला था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में बदलाव, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी अनिश्चितता, और डॉलर में मजबूती भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग घट जाती है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
