Statements by Mahmood Madani: महमूद मदनी के बयान पर गरमाई सियासतStatements by Mahmood Madani: महमूद मदनी के बयान पर गरमाई सियासत

Statements by Mahmood Madani: महमूद मदनी के बयान पर गरमाई सियासत

 

बीजेपी नेता संगीत सोम ने मौलाना महमूद मदनी को बीमार कौम का बीमार मौलाना करार दिया है। उनके बयान पर फायर हुए भाजपा नेता संगीत सोम ने कहा किस दुष्ट का नाम ले रहे हो महमूद मदनी जैसे जिहादी लोग जिहाद को अच्छा बताते हैं। वह कहते हैं अच्छे काम के लिए वह जिहाद नहीं छोड़ते। वह कहते हैं जिहाद अच्छा शब्द है। वे लोग बीमार कौम के बीमार मौलाना हैं।

संगीत सोम ने कहा कि महमूद मदनी को मैं बता देना चाहता हूं कि वह इस तरह के बयान बंद करें नहीं तो लाठी लेकर लाहौर तक उन्हें दौड़ा कर आएंगे। रामपुर से सपा सांसद ने भी महमूद मदनी के बयान का समर्थन किया है जिस पर संगीत सोम ने कहा कि ये मेंटली अपसेट लोग हैं।

गुरुवार रात भाजपा नेता संगीत सोम मुजफ्फरनगर जनपद में एक शादी समारोह में पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यार तुमने पूरी शादी का माहौल खराब कर दिया। किस दुष्ट का नाम ले रहे हो तुम। महमूद मदनी जैसे जिहादी लोग हैं, जो जिहाद को अच्छा बताते हों और वो अच्छे काम के लिए जिहाद नहीं छेड़ते वो कहते हैं कि जिहाद अच्छा शब्द है।

वे लोग बीमार कौम के बीमार मौलाना हैं, छोड़िए उनकी चर्चा मत करिए। यह वह कौम है जो दुनिया को सिलेंडर करने की क्षमता रखती है और महमूद मदनी को मैं बता देना चाहता हूं। इस तरह के बयान बंद करें, नहीं तो लाठी लेकर लाहौर तक दौड़ा कर आएंगे। रामपुर का सांसद को लेकर उन्होंने कहा, “मैंने बताया ना यह मेंटली अपसेट लोग हैं, जिनके बारे में आप बात कर रहे।”

मदनी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि बुलडोजर कार्रवाई, पीट-पीटकर हत्या, मुस्लिम वक्फ को कमजोर करने और इस्लामी सुधारों जैसी कार्रवाइयों के माध्यम से देश में एक समूह का वर्चस्व स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाबरी मस्जिद के फैसले और कई अन्य फैसलों के बाद यह धारणा बढ़ी है कि अदालतें सरकारी दबाव में काम कर रही हैं।

मदनी ने कहा था, “अफसोस के साथ यह कहना होगा कि एक विशेष समूह की वर्चस्व स्थापित करने और अन्य समूहों को कानूनी रूप से असहाय, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित, बदनाम और वंचित बनाने के लिए संगठित प्रयास किए जा रहे हैं।”

इस विवाद ने एक बार फिर देश की राजनीति में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर गरमागरम बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर भाजपा और उसके समर्थक मदनी के बयान को भड़काऊ और विभाजनकारी करार दे रहे हैं, वहीं मदनी और उनके समर्थक इसे लोकतांत्रिक अधिकार तथा समुदाय की चिंताओं की अभिव्यक्ति बता रहे हैं।

इस पूरे मामले ने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।