लद्दाख में कुछ महीनों पहले हुई हिंसक घटनाओं के बाद हिरासत में लिए गए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देते हुए रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए National Security Act (NSA) के तहत कार्रवाई को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उनकी हिरासत समाप्त कर दी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय लद्दाख में शांति और स्थिरता को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि क्षेत्र में सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी था। बयान में यह भी कहा गया कि सरकार लद्दाख में आपसी विश्वास का माहौल बनाने और सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है।
दरअसल, कुछ महीने पहले Ladakh में एक प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो गई थी। इसी घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोनम वांगचुक को हिरासत में लेते हुए उनके खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की थी। तब से वे कई महीनों से पुलिस की निगरानी में थे और मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था।
अब सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति बहाल करने और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

