Samajwadi Party President Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का गाजीपुर दौरा
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को गाजीपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों पर तीखे हमले किए। उनके साथ सपा के वरिष्ठ नेता और चाचा शिवपाल यादव तथा गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी भी मौजूद थे। अखिलेश यादव ने इस दौरान बिहार विधानसभा चुनाव, केंद्र सरकार की नीतियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की एकजुटता और जीत का भरोसा जताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार में इस बार I.N.D.I.A गठबंधन की सरकार बनने जा रही है और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव के लिए तैयार है और भाजपा की राजनीति अब नहीं चलेगी। अखिलेश ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे बिहार में केवल “दिखावटी दूल्हे” हैं। भाजपा चुनाव से पहले उन्हें आगे रखती है, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें दरकिनार कर देती है। उन्होंने कहा कि यही खेल महाराष्ट्र में भी हुआ था, जहां गठबंधन के साथी बाद में सत्ता से दूर कर दिए गए।
शिवपाल यादव को बिहार चुनाव में सपा का स्टार प्रचारक नहीं बनाए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा, “हमारे पास सीमित संसाधन हैं। हम उनके लिए अलग से हेलिकॉप्टर का इंतजाम कहां से करते? चंदा तो आप लोग दे नहीं रहे।” अखिलेश का यह बयान सुनकर वहां मौजूद कार्यकर्ता ठहाके लगाते नजर आए।
गाजीपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव सैदपुर के रामपुरमांझा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने सपा विधायक अंकित भारती के विवाह समारोह में शिरकत की। अंकित भारती ने 16 अक्टूबर को नैनीताल में एमबीए छात्रा अंबिका मित्तल से विवाह किया था। अंबिका मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं और अपने पिता के साथ पारिवारिक कारोबार संभालती हैं। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजनीतिक मंच से अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “कोई योगी जैसे कपड़े पहनने से योगी नहीं हो जाता। योगी को मोह माया से दूर रहना चाहिए।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की “फिल्म” फ्लॉप हो गई है और अब सुना है कि उसे अमेरिका में दिखाया जाएगा। अखिलेश ने कहा कि जनता अब दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि विकास और रोजगार की राजनीति चाहती है।
चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आयोग की जिम्मेदारी वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की है, लेकिन वह निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग “SIR” में घोटाले कर रहे हैं और पूरे तंत्र को अपने हिसाब से चला रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) से घबराकर साजिशें रच रही है, लेकिन अब PDA का मुकाबला वह नहीं कर पाएगी।
विदेश नीति और आर्थिक मुद्दों पर भी अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत पर टैरिफ बढ़ा दिया है और अब पीएम मोदी को “किलर” बताया है, जो भारत की छवि के लिए बेहद शर्मनाक बात है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, जबकि भारत पर लगातार टैरिफ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “यहां बनारस को क्योटो बनाने की बात हो रही थी, लेकिन आज तक कोई क्योटो नहीं बन पाया।”
बिहार चुनाव पर फिर से बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और सपा पूरी तरह उनके समर्थन में खड़ी है। उन्होंने कहा, “हम सरकार चलाने में जो भी सहयोग कर सकते हैं, उसके लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार जी को केवल चुनाव के लिए आगे रखा गया है। चुनाव के बाद भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। वह केवल चुनावी दूल्हा हैं, पद के लिए नहीं हैं।”
सिद्धार्थनगर के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बयान है और ऐसी भाषा किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी सबको साथ लेकर चलने की राजनीति करती है।
अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का बिहार चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सपा का कोई उम्मीदवार बिहार में चुनाव नहीं लड़ रहा। यह वही बात है — ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना।’” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव को पहले उत्तर प्रदेश की जनता का भरोसा जीतना चाहिए, बिहार में बयानबाजी करने से कुछ हासिल नहीं होगा।

