भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उनके इस ऐलान के बाद क्रिकेट जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। टीम इंडिया के कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों ने रहाणे के शानदार करियर की तारीफ करते हुए उन्हें नए सफर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
सबसे पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। रोहित ने लिखा कि उन्होंने रहाणे के साथ कई साल ड्रेसिंग रूम साझा किया है और वह अच्छी तरह जानते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए रहाणे ने कितनी मेहनत की है। उन्होंने रहाणे के अनुशासन, समर्पण और प्रोफेशनल रवैये की तारीफ करते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विराट कोहली (Virat Kohli) ने भी रहाणे को यादगार करियर के लिए बधाई दी। कोहली ने उन्हें अपना पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी साथी और स्लिप में सबसे भरोसेमंद फील्डर बताया। उन्होंने कहा कि रहाणे ने भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा योगदान दिया है और उन्हें अपनी उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।
38 वर्षीय अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और देश के लिए खेलना हमेशा उनके लिए गर्व की बात रहेगी।
रहाणे के अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन, 90 वनडे मैचों में 2,962 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 375 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं। विदेशी दौरों पर उनकी कई शानदार पारियां भारतीय टीम की यादगार जीत का हिस्सा रहीं।
रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को माना जाता है। एडिलेड टेस्ट के बाद कप्तानी संभालते हुए उन्होंने मेलबर्न में शतक लगाया और युवा खिलाड़ियों के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर सीरीज में हराया। गाबा टेस्ट जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
कप्तान के तौर पर भी अजिंक्य रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 6 टेस्ट मैचों में 4 जीत और 2 ड्रॉ दर्ज किए। खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया को एक भी टेस्ट मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा।
