5527 904382323508330 296730840 560747772149 342842366890418 943648 669923

रायपुर

भारतमाला परियोजना से जगदलपुर को जोड़ने और प्रमुख मार्गों के फोरलेन निर्माण की मांग

दिल्ली प्रवास के दौरान बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  महेश कश्यप ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे। सांसद  कश्यप ने बस्तर में सड़क संपर्क को मजबूत करने, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया।
       
सांसद  कश्यप ने बताया कि सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और प्रभावी रणनीति के कारण बस्तर में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप उद्योग, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। इन संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक और बेहतर सड़क नेटवर्क आवश्यक है।

प्रमुख मार्गों को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव
       
बस्तर सांसद ने एनएमडीसी स्टील प्लांट की गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जगदलपुर-नगरनार-ओडिशा सीमा मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग की। इसके साथ ही जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर-भोपालपटनम-तेलंगाना सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी फोरलेन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तक पर्यटकों की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग को भी चार लेन में विकसित करने की मांग की।

भारतमाला परियोजना से जोड़ने पर जोर
    
बस्तर सांसद  कश्यप ने जगदलपुर को भारतमाला परियोजना के आर्थिक गलियारों से जोड़ने, शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए रिंग रोड और बायपास के निर्माण तथा बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के लिए विशेष विकास पैकेज स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, आवश्यक स्थानों पर पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का विषय भी प्रमुखता से उठाया।
        
बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बस्तर में व्यापार, रोजगार, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी। इससे बस्तर राष्ट्रीय विकास के मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।