THUMB 7

channel4news logoCHANNEL4 NEWS INDIA


यो नायब का हरियाणा है या तो गुंडागर्दी छोड़ दो या हरियाणा छोड़ दो!’

ये वाक्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की गई है जिसमें यही संदेश दोहराया गया है। बीजेपी के इस कड़े संदेश का मतलब साफ है – प्रदेश में अब अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। पार्टी और सरकार मिलकर ये दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि हरियाणा में कानून का राज है, ना कि अपराधियों का। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में कहा: “हमने पुलिस को खुली छूट दी है कि कोई भी माफिया, गैंगस्टर या फिर संगठित अपराध का गिरोह चलाने वाला अपराधी बचना नहीं चाहिए। मिशन मोड में ऑपरेशन चलाकर ऐसे असामाजिक तत्वों का सफाया किया जाए, जिससे समाज में सुख-शांति का माहौल कायम हो सके।”  सीएम सैनी का ये बयान राज्य में चल रहे अपराधियों के खिलाफ एक्शन की ओर संकेत करता है। ये भी साफ कर देता है कि सरकार अब अपराध को जड़ से खत्म करने के मूड में है।

अपराधियों पर शिकंजा कसेगी पुलिस

हांलाकि विपक्ष सवाल उठा रहा है कि हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लेकिन मुख्यमंत्री और बीजेपी की ओर से ‘खुली छूट’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसका मतलब है कि पुलिस को अब कार्रवाई करने के लिए किसी अतिरिक्त अनुमति या राजनीतिक सहमति की जरूरत नहीं है। वो सीधे अपराधियों पर शिकंजा कस सकती है, चाहे वो किसी भी रसूख वाला व्यक्ति क्यों न हो। पुलिस अब रेड, गिरफ्तारियां और एनकाउंटर जैसे तमाम तरीकों से प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में काम करेगी। सरकार के इस रुख से जहां आम जनता को राहत की उम्मीद जगी है, वहीं अपराधियों में डर का माहौल बनना शुरू हो गया है। कई ऐसे अपराधी जो लंबे वक्त से फरार थे, अब भूमिगत हो गए हैं। कई जिलों में पुलिस ने गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।

अपराधियों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू होगा

सरकार के इस मिशन को जनता का भी समर्थन मिल रहा है क्योंकि लोग चाहते हैं कि उनके बच्चे और परिवार एक सुरक्षित माहौल में रहें, जहां रात को बाहर निकलने में डर ना लगे। जहां एक ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार की नाकामी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से ये साफ किया जा रहा है कि अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है। अब ये कहा जाने लगा है कि अपराधी या तो अपराध छोड़ दें हरियाणा छोड़ दे’ हांलाकि अब देखना होगा कि सरकार के इस सख्त रवैये का असर ज़मीन पर कितना और कितनी जल्दी दिखता है।