अबू धाबी में साइप्रस के ब्रिटिश एयरबेस और फ्रांस के नेवी बेस पर ताबड़तोड़ अटैक

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर लगातार हमले किए हैं, जो अब तीसरे दिन भी जारी हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस कारण पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने खामेनेई की मौत के बाद भी स्पष्ट कर दिया है कि वह रुकने वाला नहीं है। जामकरान मस्जिद पर ईरान ने इंतकाम का लाल झंडा फहराया है।

ईरान ने कहा है कि उसके जवाबी हमलों से इजरायल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है और नागरिकों को सलाह दी है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें।

साइप्रस ने पुष्टि की है कि उसके द्वीप पर स्थित ब्रिटिश सैन्य ठिकाना ड्रोन हमले में गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। साइप्रस के राष्ट्रपति ने बताया कि ब्रिटिश वायु सेना के अक्ट्रिटिरी एयर बेस को शाहिद ड्रोन से निशाना बनाया गया।

यह एयर बेस साइप्रस में ब्रिटेन की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों में से एक है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अहम माना जाता है। इस घटना ने मध्य पूर्व और यूरोप में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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By admin