Rajasthan Panchayat Election Panorama

जयपुर: राजस्थान में गांव की सरकार चुनने के लिए चुनावी प्रक्रिया निर्णायक दौर में पहुंच गई है। पंचायत चुनाव के पहले चरण का प्रचार मंगलवार शाम समाप्त हो गया। इसके बाद प्रत्याशियों की जनसभाओं, रैलियों और सार्वजनिक चुनाव प्रचार पर रोक लग गई है।

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरा जोर लगाया। गांवों में चौपालों, नुक्कड़ बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए उम्मीदवारों ने अपने पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास किया।

अब 22 अक्टूबर को मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के माध्यम से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान करेंगे।

इन 16 जिलों में होगा पहले चरण का मतदान
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में निम्नलिखित जिलों में वोटिंग कराई जाएगी:
1. अजमेर
2. अलवर
3. बाड़मेर
4. भीलवाड़ा
5. बीकानेर
6. डूंगरपुर
7. जयपुर
8. झालावाड़
9. जोधपुर
10. फलोदी
11. कोटा
12. नागौर
13. पाली
14. राजसमंद
15. सिरोही
16. उदयपुर
इन जिलों की कुल 104 पंचायत समितियों में चुनाव कराए जाएंगे। प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

85 लाख से अधिक मतदाता, हजारों प्रत्याशी मैदान में
पहले चरण में कुल 85,07,306 मतदाता पंजीकृत हैं। जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति सदस्यों के 1,788 पदों पर चुनाव प्रक्रिया चल रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिला परिषद के लिए 1,693 और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 5,233 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान के लिए प्रदेश में करीब 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

जयपुर में 7.43 लाख मतदाता करेंगे मतदान
राजधानी जयपुर में पहले चरण के तहत आठ पंचायत समितियों में मतदान होगा। इनमें गोविंदगढ़, चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, झोटवाड़ा, सांभरलेक, दूदू और मौजमाबाद शामिल हैं।

जयपुर में पंचायत समितियों के 146 वार्डों और जिला परिषद के 22 वार्डों के लिए चुनाव होगा। जिले में 797 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 7,43,640 मतदाता पंजीकृत हैं।

इनमें 3,84,195 पुरुष और 3,59,445 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है।

मतदान दलों की रवानगी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देकर संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जा रहा है।

मतदान कर्मियों को ईवीएम संचालन, मतदान प्रक्रिया और चुनाव संबंधी नियमों की जानकारी दी गई है।

जयपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने संबंधित अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाया जाएगा। जयपुर में ईवीएम को श्री भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में सुरक्षित रखा जाएगा।

पंचायत चुनाव 2026: जानिए मतदान और परिणाम की तारीखें
राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले तीन चरणों के चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।

चुनाव प्रक्रिया एवं तारीख
जिला परिषद एवं पंचायत समिति मतदान – 22 अक्टूबर 2026
पंच-सरपंच पदों के लिए नामांकन – 23 अक्टूबर 2026
पंच-सरपंच मतदान और मतगणना – 24 अक्टूबर 2026
उपसरपंच चुनाव – 25 अक्टूबर 2026
जिला परिषद एवं पंचायत समिति मतगणना – 20 नवंबर 2026

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान ईवीएम से कराया जाएगा, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल होगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है।

मतदान केंद्र पर पहचान पत्र ले जाना जरूरी
मतदाताओं को मतदान केंद्र पर अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य निर्धारित पहचान दस्तावेज शामिल हैं।

मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले अपना नाम मतदाता सूची में और निर्धारित बूथ की जानकारी जांच लें।

20 नवंबर को आएंगे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के नतीजे
राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण के बाद 28 अक्टूबर और 2 नवंबर को अगले दो चरणों का मतदान होगा। चौथे चरण में 14 नवंबर को वोटिंग निर्धारित है।

सभी चरणों के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी।

वहीं पंच और सरपंच पदों के नतीजे संबंधित चरण में मतदान समाप्त होने के बाद घोषित किए जाएंगे।

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पंचायत चुनाव स्थानीय विकास, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब मतदाता तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में पंचायत स्तर पर उनका प्रतिनिधित्व कौन करेगा।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।

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