राहुल गांधी ने सरकार पर किया तीखा हमलाराहुल गांधी ने सरकार पर किया तीखा हमला

राहुल गांधी ने सरकार पर किया तीखा हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी टैरिफ और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, बल्कि राजा जैसे नेतृत्व के विचार को भी स्पष्ट रूप से खारिज किया।

दिल्ली में वकीलों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं राजा नहीं हूं, और न ही बनना चाहता हूं। मैं इस कांसेप्ट के ही खिलाफ हूं।” ये बयान तब आया जब भीड़ में कुछ लोगों ने उनके समर्थन में नारेबाजी शुरू की। राहुल ने उन्हें शांत कराते हुए दो टूक कहा कि, “ये लोकतंत्र है, किसी व्यक्ति विशेष का शासन नहीं।”

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस और वकीलों के ऐतिहासिक रिश्ते को भी याद किया। उन्होंने कहा कि, “गांधी, नेहरू, पटेल और आंबेडकर, सभी वकील थे। कांग्रेस की नींव वकीलों ने रखी थी और आज भी आप सब कांग्रेस की रीढ़ हैं।” राहुल ने ये भी कहा कि, वकीलों की भूमिका लोकतंत्र की रक्षा में आज और भी ज़रूरी हो गई है।

राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “2014 से ही मुझे लग रहा था कि, चुनाव में कुछ गड़बड़ है। गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में हमें एक भी सीट नहीं मिली, जो चौंकाने वाला था।”
उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि, लोकसभा में जीत के बावजूद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी, जो उन्हें सोचने पर मजबूर कर गया।

राहुल ने दावा किया कि, उनके पास बूथ स्तर पर हुई गड़बड़ियों का डेटा है और जल्द ही “एटम बम” जैसे सबूत सामने लाएंगे।

उनके मुताबिक, “6.5 लाख लोगों ने वोट डाले, लेकिन उसमें से 1.5 लाख वोट फेक थे। अगर 10-15 सीटें कम होतीं, तो मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते।”

राहुल गांधी ने राफेल डील को एक बार फिर से उठाते हुए कहा कि, “मेरे पास राफेल डील को लेकर ठोस सबूत थे कि कैसे PMO और NSA ने इस डील को प्रभावित किया। मैंने इन सबूतों को संसद में भी उठाया, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार इस डील में पारदर्शिता बरतने में पूरी तरह विफल रही और बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई।

राहुल गांधी ने बीजेपी पर धर्म और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, “बीजेपी इस देश के इतिहास और धर्म पर हमला कर रही है। जो लोग हिंदुत्व की गहराई को समझते हैं, वे जानते हैं कि, ये हमला असल में धर्म पर नहीं, धर्म के नाम पर की जा रही राजनीति के खिलाफ हो रहा है।”

राहुल गांधी ने कहा कि, हिंदू धर्म सहिष्णुता और करुणा का प्रतीक है, लेकिन बीजेपी ने इसे नफरत और सत्ता के उपकरण में बदल दिया है। और मैंने कृषि कानूनों का विरोध किया था, तो अरुण जेटली के करीबी लोग मुझे धमकाने आए थे। उन्होंने कहा कि, “मुझसे कहा गया कि, अगर आप इसी तरह विरोध करते रहे, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

राहुल ने पलटकर जवाब दिया कि, “आपको अंदाजा नहीं है आप किससे बात कर रहे हैं।”

राहुल गांधी के इस भाषण ने एक बार फिर विपक्ष को आक्रामक मुद्रा में ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि, वे व्यक्ति केंद्रित राजनीति के खिलाफ हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की पुनर्बहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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