Putin under Western pressure: पश्चिमी दबाव के बीच पुतिन का भारत आगमन
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब यह सिर्फ युद्धक्षेत्र का संघर्ष नहीं रहा, बल्कि वैश्विक कूटनीति और आर्थिक दबावों की जंग भी बन चुका है। पश्चिमी देशों—खासतौर पर अमेरिका और यूरोपीय संघ—ने रूस को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से अलग-थलग करने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए, स्विफ्ट जैसी वैश्विक वित्तीय प्रणालियों से बाहर किया और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की वैश्विक उपस्थिति को सीमित करने के प्रयास किए। इस माहौल में रूसी राष्ट्रपति का भारत का दो दिवसीय दौरा मास्को के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता साबित हुआ है।
भारतीय नेतृत्व ने जिस प्रकार से इस दौरे को उच्च सम्मान दिया, उसने न केवल रूस–भारत संबंधों की मजबूती को दोहराया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि रूस को वैश्विक राजनीति से बाहर कर देना आसान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर पुतिन का स्वागत करना और फिर उन्हें निजी डिनर देना, दोनों देशों की गहरी रणनीतिक साझेदारी का संकेत माना जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन में मिला भव्य स्वागत इस दौरे के राजनीतिक महत्व को और अधिक बढ़ाता है।
युद्ध के बाद पश्चिमी देश रूस के आर्थिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशी बैंक कार्ड रूस में काम नहीं कर रहे, और रूसी बैंकों के कार्ड विदेशों में बंद हो चुके हैं। इस स्थिति ने रूस में व्यापार और सामान्य आर्थिक गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। ऐसे में पुतिन का भारत के साथ वित्तीय सहयोग को मजबूत करना एक रणनीतिक आवश्यकता बन गया है। यही कारण है कि इस बार पुतिन के साथ रूसी बैंकों के कई शीर्ष अधिकारी भारत आए, ताकि वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर चर्चा की जा सके और द्विपक्षीय व्यापार को राष्ट्रीय मुद्राओं में बढ़ाया जा सके।
भारत और रूस ने 2030 तक के आर्थिक सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप भी तैयार किया है। इसमें ऊर्जा व्यापार, तेल और गैस परियोजनाएं, रक्षा सहयोग, बैंकिंग नेटवर्क, ब्रह्मोस जैसे संयुक्त रक्षा कार्यक्रम, आर्कटिक में सहयोग, समुद्री गलियारे और अंतरिक्ष अनुसंधान शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर यूरोप जहां Re-Arming Europe 2030 के तहत रूस के खिलाफ सैन्य शक्ति बढ़ाने में जुटा है, वहीं रूस भारत के साथ सहयोग बढ़ाकर एक वैकल्पिक सामरिक–आर्थिक सुरक्षा कवच तैयार कर रहा है।
इस दौरे का एक और बड़ा संदेश पुतिन की अंतरराष्ट्रीय छवि को सुधारने का प्रयास है। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने उन्हें G20 जैसे बड़े मंचों से दूर रखा। पिछले तीन वर्षों में वे संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित नहीं कर पाए। ऐसे समय में भारत के अंदर उनके स्वागत का तरीका एक अलग ही कूटनीतिक संदेश देता है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और यहां इस स्तर पर हुए स्वागत को रूस अपनी वैश्विक मान्यता के रूप में पेश कर सकता है।
इसका एक प्रतीकात्मक लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब पुतिन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। गांधी विश्वभर में शांति और नैतिक राजनीति के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक हैं। जब यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के राष्ट्रपति गांधी स्मारक पर खड़े होकर शांति की अपील करते हैं, तो उसका अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव पर खास असर पड़ता है। यह कदम यह संदेश देने की कोशिश करता है कि रूस केवल युद्ध को आगे बढ़ाने वाला देश नहीं है, बल्कि संवाद, स्थिरता और संतुलन की दिशा में भी प्रयासरत है।
भारत के लिए यह यात्रा कई मायनों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही। रूस आज भी भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता है, और दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सहयोग मौजूद है। यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया, जिससे भारत–रूस व्यापार ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा। अब जब रूस वैकल्पिक भुगतान प्रणाली विकसित करने और डॉलर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है, ऐसे में भारत उसकी आर्थिक कूटनीति का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है।
दोनों देशों के बीच समुद्री व्यापार मार्गों और नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। यह मार्ग रूस को यूरोप के बजाय एशियाई और मध्य-पूर्वी बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह न केवल रूस के लिए उपयोगी होगा बल्कि भारत के लिए भी व्यापारिक और सामरिक लाभ लेकर आएगा।
यूक्रेन युद्ध की जटिलताओं के बीच यह दौरा रूस के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बढ़त भी साबित हुआ है। पुतिन ने इस यात्रा के माध्यम से तीन प्रमुख संदेश दिए—पहला, रूस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग नहीं है; दूसरा, भारत–रूस आर्थिक साझेदारी अगले दशक तक स्थिर और मजबूत रहेगी; और तीसरा, रूस वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद का पक्ष भी रखता है।

