18 अक्टूबर को हरियाणा आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू
हरियाणा के अंबाला में एक बार फिर बड़ा आयोजन होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 18 अक्टूबर को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगी। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम का शेड्यूल अभी तक राष्ट्रपति भवन या रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक ये दौरा वायुसेना से जुड़े एक विशेष आयोजन से संबंधित है।
सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो राष्ट्रपति मुर्मू अंबाला एयरफोर्स बेस में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी।
अंबाला का एयरफोर्स स्टेशन भारत के सबसे पुराने और रणनीतिक रूप से अहम ठिकानों में गिना जाता है। यहीं से भारतीय वायुसेना ने कई ऐतिहासिक अभियानों का संचालन किया है।
सूत्रों की मानें तो इस बार वायुसेना स्टेशन पर एक औपचारिक और प्रतिष्ठित समारोह की तैयारी चल रही है, जिसके लिए राष्ट्रपति कार्यालय को निमंत्रण भेजा जा चुका है।
कार्यक्रम से जुड़ा प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय को भेजा गया है, जिसकी औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।

राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए अंबाला जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और एयरफोर्स अधिकारियों की प्रारंभिक बैठकें शुरू हो चुकी हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक रूट, प्रोटोकॉल और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर कई विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन से कुछ दिन पहले उनके प्रोटोकॉल अधिकारी अंबाला पहुंचेंगे और सभी इंतजामों का जायजा लेंगे।
इसके बाद एयरफोर्स और जिला प्रशासन के बीच संयुक्त समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि हर व्यवस्था समय पर पूरी की जा सके। चूंकि ये राष्ट्रपति स्तर का दौरा है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था भी तीन स्तरों पर की जा रही है।
एयरफोर्स की आंतरिक सुरक्षा इकाइयों के साथ-साथ एसपीजी और हरियाणा पुलिस की विशेष टुकड़ियां भी तैनात रहेंगी।पुलिस प्रशासन ने पहले ही रूट प्लान, ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण की तैयारी शुरू कर दी है।सभी वीवीआईपी पॉइंट्स पर सीसीटीवी मॉनिटरिंग और बम डिस्पोजल यूनिट्स को भी शामिल किया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों में जब भी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री का दौरा अंबाला हुआ है, तब एयरफोर्स स्टेशन से लेकर शहर की मुख्य सड़कों तक सुरक्षा का विशेष घेरा बनाया गया था। इस बार भी वैसी ही कड़ी निगरानी की उम्मीद है। अंबाला के लोग इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि, ये गौरव का क्षण होगा जब देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति उनके शहर में आएंगी। वहीं, वायुसेना के अधिकारियों और जवानों में भी खास उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि ये राष्ट्रपति मुर्मू का अंबाला एयरफोर्स स्टेशन का पहला दौरा होगा।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सबसे बड़ी पहचान यहां मौजूद 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” है, जो फ्रांस से आए राफेल फाइटर जेट्स का संचालन करती है। संभावना जताई जा रही है कि, राष्ट्रपति का ये दौरा वायुसेना दिवस के बाद की किसी औपचारिक गतिविधि से जुड़ा हो सकता है।
ऐसे में राफेल स्क्वाड्रन की उपस्थिति और उसकी कॉम्बैट क्षमता का प्रदर्शन भी इस आयोजन का हिस्सा हो सकता है।राष्ट्रपति मुर्मू का ये दौरा केवल एक सैन्य आयोजन तक सीमित नहीं माना जा रहा है।
वास्तव में ये देश के रक्षा आत्मनिर्भरता अभियान और ‘मेक इन इंडिया’ नीति को भी प्रतीकात्मक रूप से मजबूत करता है। राफेल स्क्वाड्रन की उपस्थिति और एयरफोर्स स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व, दोनों मिलकर इस आयोजन को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना देते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति के अंबाला दौरे को लेकर अगले कुछ दिनों में आधिकारिक पुष्टि की जा सकती है।
एक बार राष्ट्रपति भवन से अनुमति मिलते ही कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल, स्वागत प्रोटोकॉल और सुरक्षा गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों—पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम, बिजली, जलापूर्ति और एयरफोर्स प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
राष्ट्रपति के दौरे से पहले अंबाला शहर और एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सफाई और सौंदर्यीकरण के कार्य भी तेज़ी से शुरू किए जा रहे हैं। मुख्य मार्गों की मरम्मत, लाइटिंग और सजावट पर जोर दिया जा रहा है ताकि शहर अपनी स्वच्छ और अनुशासित छवि पेश कर सके।
राष्ट्रपति मुर्मू का ये संभावित दौरा अंबाला के लिए न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने वाला आयोजन साबित होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायी क्षण होगा।
वायुसेना की उपलब्धियों और महिला नेतृत्व के प्रतीक के रूप में ये कार्यक्रम आने वाले दिनों में चर्चा का केंद्र बन सकता है।

