फरीदाबाद के मवई गांव में तोड़फोड़ नहीं करने की एवज में एक लाख रुपये रिश्वत लेने वाले ड्राइवर इरशाद को एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को अदालत में पेश किया। पुलिस ने आरोपित को पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर लिया है। इस मामले में डीटीपी कार्यालय के एक जेई का भी नाम रहा है। उसे भी एसीबी गिरफ्तार कर सकती है। इसके साथ ही एसीबी भ्रष्टाचार के इस मामले में डीटीपी कार्यालय के अन्य कर्मचारियों की भूमिका का भी पता लगा रही है।
यह बता दें कि आरोपित ने मवई गांव में तोड़फोड़ रोकने की एवज में रुपये की मांग की थी। गांव में भारत कॉलोनी निवासी राजू ठाकुर का भी मकान और कार्यालय बने हुए थे। विभाग ने राजू का कार्यालय भी तोड़ दिया। इसके बाद मकान को तोड़ने की भी चेतावनी दी। जिस पर राजू ने कहा कि केवल उसको ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। इस पर ड्राइवर इरशाद ने कार्यालय में आकर मिलने को कहा था और वहां निर्माण न तोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग की थी।
इसके बाद राजू ने पैसे देने की हां कर दी, पर साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचित कर दिया। ब्यूरो ने इरशाद को एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया।इस मामले में सामने आया था कि एक जेई ने ड्राइवर इरशाद को एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के लिए कहा था। रिमांड के दौरान इरशाद से पूछताछ होगी कि इसमें और किन-किन लोगों की भूमिका है।

