सांसद खेल महोत्सव में PM मोदी का संदेश
हरियाणा की खेल धरती से एक और सुनहरा सपना उभरता नजर आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर फतेहाबाद जिले के गांव डांगरा के उभरते बॉक्सर नीरज से सीधा संवाद किया। ये बातचीत सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास, संघर्ष और ओलंपिक सपनों की झलक भी दिखा गई।
समैन गांव के खेल स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह के दौरान PM मोदी ने वीडियो संवाद के जरिए बॉक्सर नीरज से बात की। बातचीत की शुरुआत पीएम मोदी ने देसी अंदाज में “राम-राम” कहकर की, जिस पर नीरज ने भी आत्मीयता से जवाब दिया। जब नीरज ने पीएम से हालचाल पूछा, तो प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए बोले— “तेरे जैसा ही हूं।”
वहीं नीरज, जो कि, एक राष्ट्रीय स्तर का बॉक्सिंग मेडलिस्ट है, एक साधारण परिवार से आता है। उसके पिता बलवान सिंह सहकारी समिति में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद नीरज ने बॉक्सिंग को अपना जुनून बनाया और आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।

PM मोदी ने नीरज से पूछा कि, क्या वो खेल को ही अपना करियर बनाना चाहता है। इस पर नीरज ने बिना झिझक कहा कि, उसका सपना देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। पीएम मोदी ने इस मौके पर ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा का भी जिक्र किया और कहा कि, हरियाणा लगातार देश को बेहतरीन खिलाड़ी दे रहा है।
बातचीत के दौरान PM मोदी ने नीरज से पूछा कि क्या वो दुनिया के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सरों के मुकाबले देखता है। नीरज ने जवाब दिया कि, वो देश और विदेश के कई बड़े बॉक्सरों की फाइट्स देखता है और उनसे प्रेरणा लेता है। इस पर पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा— “मोबाइल देखते हो, तो पिताजी कहते होंगे कि, फोन छोड़ो और खेलने जाओ।”
नीरज ने हँसते हुए जवाब दिया कि, कभी-कभी रील सामने आ जाती है, तो देख लेता हूं।
प्रधानमंत्री ने सांसद खेल महोत्सव को लेकर भी नीरज से अनुभव पूछा। नीरज ने बताया कि, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के नेतृत्व में ये आयोजन बेहद शानदार रहा, जहां खिलाड़ियों को हर तरह की सुविधाएं दी गईं। गांव स्तर से लेकर विधानसभा और लोकसभा स्तर तक प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिससे खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिला।
इसके बाद पीएम मोदी ने वो सवाल किया जिसने पूरे आयोजन में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि, “तो क्या मैं ये मानकर चलूं कि, हरियाणा का एक और बॉक्सर देश को मेडल दिलाने वाला है?”
इस पर नीरज ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि “जरूर जी”। अगले या उससे अगले ओलंपिक में मेडल जीतकर आपको सौंपूंगा, यही मेरी इच्छा है।”
PM मोदी ने नीरज को बेहद अहम सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि, उनकी बातों को किसी तरह का दबाव न समझे। खेल के मैदान में लगातार मेहनत करता रहे, खुलकर खेले और खुश रहे। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि, “खेल में या तो जीतते हैं या सीखते हैं, हारता कोई नहीं। चिंता सरकार करेगी, खिलाड़ी को सिर्फ मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।”
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, कई खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। सांसद खेल महोत्सव में सिरसा लोकसभा क्षेत्र देश के टॉप-टेन क्षेत्रों में शामिल रहा। इस आयोजन में करीब 45 हजार खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया, जो ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ।
PM के शब्दों ने नीरज जैसे हजारों युवाओं में नई ऊर्जा भर दी। ये संवाद सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि उस भारत की तस्वीर है, जहां गांवों से निकलकर युवा ओलंपिक के सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का हौसला भी पा रहे हैं।

