PM Modi elated with BJP victory in Thiruvananthapuram: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत से PM मोदी गद-गद
केरल के निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है और राज्य में बीजेपी नेतृत्व का मनोबल बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए साझा किया, जिसके बाद केरल बीजेपी में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले पोस्ट में तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में मिले जनादेश को केरल की राजनीति का ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी-एनडीए को जो समर्थन मिला है, वह इस बात का संकेत है कि केरल की जनता को भरोसा है कि राज्य के विकास की आकांक्षाओं को केवल भारतीय जनता पार्टी ही पूरा कर सकती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी इस जीवंत शहर के समग्र विकास के लिए काम करेगी और नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देगी।
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद तिरुवनंतपुरम समेत पूरे केरल में बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह साफ तौर पर नजर आ रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों पर भरोसे का नतीजा है। तिरुवनंतपुरम में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का दावा है कि चुनाव प्रचार के दौरान मोदी सरकार की योजनाओं, विकास मॉडल और सुशासन को प्रमुख मुद्दा बनाया गया, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों में देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे पोस्ट में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संघर्ष को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने लिखा कि वह उन सभी मेहनती बीजेपी कार्यकर्ताओं के आभारी हैं, जिन्होंने घर-घर जाकर लोगों के बीच काम किया और तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में शानदार परिणाम सुनिश्चित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन उन कार्यकर्ताओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने दशकों तक केरल में पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष किया और लगातार प्रयास किए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी की असली ताकत हैं और पार्टी को उन पर गर्व है।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए की जीत को केरल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह नगर निगम पिछले लगभग 30 वर्षों से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी एलडीएफ के शासन में था। लंबे समय से वामपंथ का गढ़ माने जाने वाले इस निगम में बीजेपी का सत्ता में आना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
बीजेपी पिछले दो कार्यकालों से तिरुवनंतपुरम नगर निगम में विपक्ष की भूमिका में थी, लेकिन 2025 के इस निकाय चुनाव में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए सत्ता के करीब पहुंचने में सफलता हासिल की है। चुनाव नतीजों के अनुसार, बीजेपी ने निगम की कुल 100 सीटों में से 50 सीटों पर जीत दर्ज की है। निगम में बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि बीजेपी को किसी एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिल जाता है, तो एनडीए नगर निगम की सत्ता संभाल सकती है।
इन चुनाव नतीजों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ तीसरे स्थान पर रहा है, जबकि एलडीएफ को सत्ता से बाहर होना पड़ा है। यह परिणाम केरल की पारंपरिक राजनीतिक धारा में बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जहां लंबे समय तक एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही सत्ता का संघर्ष देखने को मिलता रहा है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि तिरुवनंतपुरम जैसे महत्वपूर्ण शहरी केंद्र में पार्टी की यह सफलता आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। पार्टी का मानना है कि शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की स्वीकार्यता बढ़ी है और इसका असर भविष्य की राजनीति में भी देखने को मिलेगा।
तिरुवनंतपुरम में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जीत के बाद इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह परिणाम वर्षों की मेहनत, संगठनात्मक विस्तार और वैचारिक संघर्ष का नतीजा है। पार्टी के स्थानीय नेताओं का दावा है कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी सुविधाओं को लेकर किए गए वादों ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए की जीत केवल एक स्थानीय निकाय की सफलता नहीं है, बल्कि यह केरल की राजनीति में पार्टी की बढ़ती मौजूदगी का संकेत है। लंबे समय से दक्षिण भारत में विस्तार की कोशिश कर रही बीजेपी के लिए यह परिणाम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई संदेश और कार्यकर्ताओं की सराहना के बाद केरल बीजेपी नेतृत्व और कैडर में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी इस जीत को आधार बनाकर राज्य में संगठन को और मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए तैयारी तेज करने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है।

