हरियाणा: 36 हजार से अधिक लोगों की पेंशन रुकी
हरियाणा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में 36 हजार से ज्यादा लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी है। ये वे लोग हैं जिनकी आय पीपीपी में अपडेट होने के बाद निर्धारित पात्रता सीमा से अधिक पाई गई है, या फिर वे एक साथ दो योजनाओं का लाभ उठा रहे थे।
सरकार ने सितंबर और अक्तूबर माह की पेंशन इन्हें जारी नहीं की है और अब इनसे पूरी राशि के साथ 12 फीसदी ब्याज वसूलने की तैयारी चल रही है। समाज कल्याण विभाग पिछले कई महीनों से पेंशन लाभार्थियों के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन कर रहा है।
इसी जांच के दौरान ये खुलासा हुआ कि, बड़ी संख्या में लोग गलत आय दिखाकर अथवा अलग-अलग योजनाओं में दोहरी पेंशन लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे थे। विभाग के अनुसार कुल 36,250 ऐसे संदिग्ध पेंशनधारी चिह्नित किए गए हैं, जिनकी आय वास्तविकता से भिन्न या पात्रता सीमा से अधिक मिली है।
पीपीपी में आय, संपत्ति और सरकारी योजनाओं का डेटा लगातार अपडेट हो रहा है। जैसे ही नई जानकारियां सिस्टम में अपलोड हुईं, विभाग को पता चला कि, हजारों ऐसे लोग भी पेंशन ले रहे हैं जिनकी आय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सीमा के भीतर नहीं आती।

प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा भरण-पोषण भत्ता, विकलांग पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकार ने निश्चित आय सीमा तय कर रखी है। लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि, कई लोग वास्तविक आय छिपा रहे थे या पुराने दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।
विभाग के सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में देखा गया कि, परिवार की आय 3 लाख, 4 लाख या इससे अधिक थी, लेकिन दस्तावेजों में 1.80 लाख या उससे कम दिखाई गई थी। इसके अलावा कुछ लाभार्थी ऐसे भी मिले जो एक साथ दो योजनाओं का फायदा उठाते हुए हर महीने दोहरी पेंशन ले रहे थे।
राज्य सरकार ने अब ऐसे सभी लाभार्थियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में संबंधित लोगों से आय प्रमाणित करने वाले असली दस्तावेज मांगे जाएंगे। अगर कोई व्यक्ति ये साबित नहीं कर पाता कि, उसकी पेंशन पात्रता सही थी, तो उससे ब्याज सहित संपूर्ण राशि वापस ली जाएगी।
सरकार इस राशि पर 12% वार्षिक ब्याज लगाने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी देकर योजना का दुरुपयोग न करे। विभाग का कहना है कि, ये कदम सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को पारदर्शी बनाए रखने और वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वहीं, पेंशन रुकने के कारण हजारों परिवार दो माह से आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। वृद्धावस्था, विकलांगता या विधवा पेंशन लेने वाले कई बुजुर्गों और महिलाओं के लिए ये राशि ही मुख्य सहारा होती है। अचानक पेंशन बंद होने से लाभार्थियों में नाराजगी भी है।
कुछ लाभार्थियों ने ये भी दावा किया है कि, उनके PPP में गलत आय दर्ज कर दी गई है, जबकि वास्तविक आय उससे कम है। ऐसे लोगों का कहना है कि, वे सभी दस्तावेज जमा कर अपनी पात्रता साबित करेंगे।
हरियाणा सरकार पिछले कुछ समय से पीपीपी आधारित सत्यापन मॉडल पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि, हर योजना का फायदा उन्हीं तक पहुंचे जो वास्तव में उसके हकदार हैं।
इस कार्रवाई को सरकार की “फर्जी लाभार्थियों पर जीरो-टॉलरेंस” नीति का हिस्सा बताया जा रहा है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि, पेंशन योजनाओं का बजट बहुत बड़ा है और अगर गलत लोग इस राशि का हिस्सा ले जाते हैं तो असल जरूरतमंदों को नुकसान होता है।

