पाली: 20 साल पुराने लोन की वसूली जेल भेजने की धमकी से हड़कंप
पाली जिले के खिमेल गांव से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक सहकारी समिति ने 20 साल पुराने लोन की वसूली के लिए ग्रामीणों को अचानक नोटिस थमा दिए हैं। जिन लोगों को नोटिस मिला, उन्हें याद तक नहीं कि उन्होंने कभी लोन लिया था। देखिए ये रिपोर्ट।
पाली के खिमेल गांव में ग्रामीण तब हैरान रह गए, जब उन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति की ओर से पुराने लोन की वसूली के लिए नोटिस थमाए गए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें याद भी नहीं कि उन्होंने लोन लिया था। वहीं जिन लोगों ने वाकई लोन लिया था, उन्हें 6 से 7 गुना ब्याज के साथ अब बड़ी रकम चुकाने को कहा जा रहा है। समिति ने धमकी दी है कि अगर तय समय पर पैसे नहीं चुकाए गए, तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है।
खिमेल के चुन्नीलाल सरगरा को समिति ने 2 हजार के लोन पर 13,000 रुपये चुकाने का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि एक्सीडेंट के कारण वो डेढ़ साल तक घर पर ही थे, लेकिन समिति के किसी भी कर्मचारी ने उन्हें कभी नहीं बताया कि लोन बकाया है। अब अचानक नोटिस देकर धमकाया जा रहा है।
सावतीराम को 7,500 रुपये के लोन पर करीब 47,000 रुपये लौटाने का नोटिस दिया गया। उन्होंने समिति जाकर लिखित में शिकायत दी है कि उन्होंने कभी लोन नहीं लिया और न ही 20 साल में कोई नोटिस मिला।
80 साल के बुजुर्ग बगदाराम को 3,279 के लोन पर 18,000 रुपये चुकाने को कहा गया। उनका कहना है कि उनके पास कोई जमीन-जायदाद नहीं है और उन्हें याद नहीं कि उन्होंने कोई लोन लिया। समिति से लोन की नकल मांगी गई, लेकिन देने से इनकार कर दिया गया।
रूपाराम नामक ग्रामीण ने समिति को पत्र लिखकर पूछा कि अगर लोन बकाया था, तो पिछले 30 सालों में एक भी नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने अपने लोन रिकॉर्ड और फाइल की कॉपी भी मांगी है।
सावतीराम, चुन्नीलाल और बगदाराम ने समिति को लिखित शिकायत देकर कहा है कि उन्होंने कोई लोन नहीं लिया है और अब उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। समिति व्यवस्थापक जसवंत सिंह का कहना है कि उन्हें पुराने ऋण की जानकारी 2024 की ऑडिट रिपोर्ट से मिली है। वह सितंबर 2023 से कार्यभार में हैं, और पूर्व प्रबंधक ने वसूली क्यों नहीं की, यह उन्हें नहीं मालूम।
20 साल बाद लोन वसूली के ऐसे नोटिस से गांव में डर और नाराज़गी दोनों है। क्या समिति की कार्रवाई जायज़ है या ग्रामीणों के साथ अन्याय हो रहा है? इसकी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। ऐसे ही जमीनी मुद्दों के लिए देखते रहिए Channel 4 News rajasthan।
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