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तेल अवीव

एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों के संचालन से रोक दिया है. यह फैसला इजरायल की ओर से उन देशों के एयरलाइन क्रू पर लगाए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के बाद लिया गया है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. यह कदम 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में ओमानी को-पायलट की ओर से किए गए आतंकी हमले के प्रयास के बाद उठाया गया। 

एयर फ्रांस के अलावा शिकागो स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी अपने पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों के लिए नेशनलिटी नियमों की जानकारी दी है. इन प्रतिबंधों के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन पर इसके असर और क्या अन्य एयरलाइंस भी इजरायल के नियमों का पालन करने के लिए इसी तरह के कदम उठाएंगी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। 

फ्रांस की खोजी पत्रिका Mediapart और एविएशन इंटेलिजेंस कंपनी ch-aviation की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों एयरलाइंस ने अपने फ्लाइट और केबिन क्रू को इजरायल की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी दी है. एयर फ्रांस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह इन नियमों का पालन कर रही है, जबकि यूनाइटेड एयरलाइंस ने कथित तौर पर इन्हें अपनी क्रू-प्लानिंग प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। 

दोहरी नागरिकता पर भी असर
चेक गणराज्य की सबसे बड़ी एयरलाइन Smartwings ने भी पुष्टि की है कि वह इजरायल के प्रतिबंधों का पालन करेगी. हालांकि, एयरलाइन ने कहा कि अभी तक उसके क्रू असाइनमेंट और संचालन पर इसका असर नहीं पड़ा है. इन प्रतिबंधों के तहत उन देशों की राष्ट्रीयता या दोहरी राष्ट्रीयता रखने वाले क्रू मेंबर्स को प्रभावित उड़ानों के संचालन से रोका जा सकता है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। 

इजरायल जाने वाली उड़ानों पर किन देशों के नागरिकों पर प्रतिबंध
Ch-aviation के मुताबिक, यूनाइटेड एयरलाइंस के आंतरिक शेड्यूलिंग मेमो में 29 देशों की सूची है, जिनके नागरिकों को तेल अवीव आने-जाने वाली उड़ानों में काम करने से रोका जा सकता है. इनमें अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कोमोरोस, क्यूबा, जिबूती, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, माली, मॉरिटानिया, नाइजर, उत्तर कोरिया, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं. फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजरायली अधिकारियों ने इन नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू किया है। 

इंडोनेशियाई पायलट की वजह से इथियोपियन फ्लाइट को लौटना पड़ा
मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान इन नए इजरायली प्रतिबंधों से प्रभावित होने वाली पहली उड़ान बनी. द जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, उड़ान इथियोपिया के एयरस्पेस में से आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन तभी इजरायली अधिकारियों ने विमान में इंडोनेशियाई पायलट की पहचान होने के बाद उसे वापस लौटने का आदेश दिया. विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया, जहां पायलट को बदला गया. इसके बाद विमान ने फिर उड़ान भरी और तेल अवीव में लैंड किया. मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और उसके नागरिक इजरायल जाने वाली उड़ानों के संचालन पर लगाए गए प्रतिबंधों के दायरे में हैं। 

इथियोपियन एयरलाइंस ने इस घटना को गलती बताया और कहा कि उसे जानकारी नहीं थी कि पायलट को इजरायल जाने वाली उड़ान संचालित करने से रोक दिया गया है. यूनाइटेड एयरलाइंस ने प्रतिबंधित देशों के कर्मचारियों से अपनी असाइनमेंट में बदलाव करने को कहा है और बताया है कि वह इन नियमों को अपनी क्रू-प्लानिंग सिस्टम में शामिल कर रही है. मेमो में यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधित देशों की सूची पूरी नहीं भी हो सकती है. इन प्रतिबंधों का असर उन क्रू मेंबर्स पर भी पड़ सकता है, जिनके पास सूची में शामिल किसी देश की नागरिकता है, भले ही उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता भी हो। 

एयर फ्रांस ने सबसे पहले इजरायली नियमों का पालन किया
एयर फ्रांस ने भी अपने कर्मचारियों को इन नए नियमों की जानकारी दी है. एयरलाइन ने कतर स्थित ब्रॉडकास्टर अल जजीरा से पुष्टि की कि वह इजरायली नियमों का पालन कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि जिन देशों में वह उड़ानें संचालित करती है, वहां के प्रवेश नियम ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों पर लागू होते हैं. एयर फ्रांस ने अल जजीरा से कहा, 'सभी एयरलाइंस की तरह, एयर फ्रांस को उन देशों के अधिकारियों की ओर से तय प्रवेश नियमों का पालन करना होता है, जहां वह उड़ानें संचालित करती है. ये नियम ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों पर लागू होते हैं।