महाराष्ट्र के नतीजे के बाद यह अहम सवाल उठ रहा है कि क्या विरोधी दलों को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलेगा? विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। किसी भी विपक्षी दल को 10% सीटें नहीं मिली हैं। नेता प्रति पक्ष के पद के लिए इतनी सीटें मिलनी जरूरी हैं। अब यह अहम सवाल है कि क्या महा विकास आघाडी (MVA) गठबंधन या उसमें शामिल सबसे बड़ी पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलेगा ? नेता प्रतिपक्ष को लेकर कानूनी जानकार और लोकसभा में पूर्व सेक्रेट्री जनरल पीडीटी अचारी कहते हैं कि संसदीय एक्ट- 1977 में नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्ते आदि को परिभाषित किया गया है। एक्ट की धारा-2 में नेता प्रतिपक्ष को परिभाषित किया गया है। इसमें कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष विरोधी दल का नेता होता है और लोकसभा में जिस विपक्षी दल की संख्या सबसे ज्यादा होती है उसके नेता को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर लोकसभा के स्पीकर मान्यता देते हैं। लेकिन लोकसभा के स्पीकर उसी दल के नेता को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता देते हैं, जिनकी संख्या 10 फीसदी या उससे ज्यादा होती है।
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