फरीदाबाद में NIA कर रही दिल्ली ब्लास्ट की जांचफरीदाबाद में NIA कर रही दिल्ली ब्लास्ट की जांच

फरीदाबाद में NIA कर रही दिल्ली ब्लास्ट की जांच

 

दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एक बड़ा मोड़ तब आया जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकील को देर रात फरीदाबाद लेकर पहुंची।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किए गए मुजम्मिल की गतिविधियों की गहराई से पड़ताल करने के लिए जांच टीम ने उसे फरीदाबाद, सोहना और फतेहपुर तगा के कई स्थानों पर लेकर जाकर करीब चार घंटे तक पूछताछ की।

इस दौरान उसके पुराने ठिकानों, संपर्कों और रसायनिक सामग्री के भंडारण से जुड़ी जानकारी की तस्दीक की गई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, NIA की टीम ने सबसे पहले मुजम्मिल को अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले जाकर उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार मुजम्मिल लंबे समय से यूनिवर्सिटी परिसर में रह रहा था।

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टीम ने लगभग डेढ़ घंटे तक उसके रहने के कमरे, पढ़ाई करने की जगह, मेडिकल केबिन और उन लोकेशनों की जांच की जहां वो स्टूडेंट्स का इलाज करता था। जांच एजेंसी का फोकस ये पता लगाना था कि, यूनिवर्सिटी परिसर में वो किन छात्रों-कर्मचारियों के संपर्क में था और उसकी दिनचर्या कैसी थी।

टीम उसे उन रास्तों पर भी लेकर गई जहां वो सुबह और शाम की वॉक के लिए जाता था। उसके कमरे में रखी अलमारी को भी एक बार फिर खोलकर बारीकी से चेक किया गया, ताकि कोई छिपा हुआ दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस या रसायन से जुड़ा सामान न छूट जाए।

यूनिवर्सिटी की जांच के बाद टीम ने मुजम्मिल को फरीदाबाद के धौज गांव ले जाया गया। यहां पुलिस पहले ही 10 से 12 सूटकेस में भरे करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद कर चुकी थी। ये सूटकेस पूरी तरह तैयार अवस्था में रखे मिले थे, जिससे बड़ा विस्फोटक बनाने की साज़िश की आशंका और मजबूत होती है।

NIA ने मौके पर ही मुजम्मिल से पूछताछ की कि, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री वो क्यों इकट्ठा कर रहा था, इसे किस तरह इस्तेमाल किया जाना था और इस सबमें उसके साथ कौन लोग जुड़े हुए थे। टीम लगभग 20 मिनट तक उसी स्थान पर खड़ी होकर हर बिंदु की पुष्टि करती रही

इसके बाद टीम उसे तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण लोकेशन फतेहपुर तगा लेकर पहुंची। यहां पुलिस पहले ही 50 बोरे बरामद कर चुकी थी, जिनका कुल वजन 2,563 किलोग्राम था। ये अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।

NIA टीम ने मौके पर खड़े होकर उससे सवाल किए कि, आखिर इतनी भारी मात्रा में रसायन यहां क्यों रखा गया था? ये कहां ले जाया जाना था? और इसे यहां तक लाने का इंतज़ाम कैसे किया गया?

जांच के दौरान मुजम्मिल ने बताया कि, वो इन 50 कट्टों को दो अलग-अलग ट्रिप में कार से लेकर आया था। इस जानकारी के बाद टीम को शक है कि, इस बड़े ऑपरेशन में और भी लोग शामिल थे, जिनकी तलाश अब तेज़ हो सकती है।

इसके बाद रात लगभग 2 बजे के आसपास NIA की टीम मुजम्मिल को लेकर सोहना मंडी पहुंची। यहां उससे दो बीज भंडारों की पहचान करवाई गई, जिनसे उसका नियमित संपर्क बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी ये समझने की कोशिश कर रही है कि, क्या इन दुकानों से वो रसायन या कोई ऐसी सामग्री ले रहा था, जिसका इस्तेमाल विस्फोटक तैयार करने में किया जा सकता है। टीम ने यहां लगभग 40-45 मिनट में कई सवाल पूछे और उसके बताए गए प्रत्येक बिंदु की स्थान पर पुष्टि की।

पूरी कार्रवाई के दौरान NIA की टीम ने फरीदाबाद में लगभग ढाई से तीन घंटे और सोहना में करीब 45 मिनट बिताए। हर लोकेशन पर टीम ने घटनास्थल की दोबारा पहचान करवाई, उसके द्वारा बताए गए तथ्यों की जांच की और शक के आधार पर दर्ज नोट्स लिए।

कार्रवाई पूरी होने के बाद NIA की टीम मुजम्मिल को वापस दिल्ली लेकर चली गई, जहां उससे आगे की पूछताछ जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि, दिल्ली ब्लास्ट की साजिश बहुत बड़े पैमाने पर रसायनिक सामग्री और नेटवर्क के सहारे तैयार की जा रही थी, जिसकी हर परत को खोलने में NIA युद्धस्तर पर जुटी हुई है।

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