देश भर में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण—यानी Special Intensive Revision (SIR)—को लेकर इस समय कई राज्यों में राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक दबाव दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। 12 राज्यों में जारी इस प्रक्रिया के तहत 51 करोड़ मतदाताओं के घर-घर बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर पहुंच रहे हैं। मतदाता सूची को अपडेट करने, मृत या लापता मतदाताओं के नाम हटाने और नए वोटरों को रजिस्टर करने का यह अभियान इस बार पहले से अधिक व्यापक है, लेकिन इसी के साथ यह विवादों के केंद्र में भी पहुँच गया है। सबसे अधिक चर्चा पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर है, जहां अब तक 28 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

By Rahul Rawat

राहुल रावत उत्तराखंड के अलमोडा जिले के रानीखेत क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं. राहुल ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में बैचलर किया है. राहुल 4 Iconic Media समूह से पहले एम.एच वन न्यूज, एसटीवी हरियाणा न्यूज, वी न्यूज डिजिटल चैनल, में भी काम कर चुके हैं. करीब 5 साल के इस सफर में दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की राजनीति को करीब से देखा, समझने की कोशिश की जो अब भी जारी ही है.राहुल हरियाणा विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक कवर किया है