Muslim fan of Modi-Yogi: ये है ‘मोदी-योगी’ का मुस्लिम फैन !Muslim fan of Modi-Yogi: ये है ‘मोदी-योगी’ का मुस्लिम फैन !

Muslim fan of Modi-Yogi: ये है ‘मोदी-योगी’ का मुस्लिम फैन !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ दौरे और अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन के दौरान एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने राजनीतिक बहस से अलग मानवीय और सामाजिक पहलू को उजागर किया। यह कहानी है उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के रहने वाले मुस्लिम युवक तौकीर अहमद की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर लखनऊ पहुंचे थे।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तौकीर अहमद के हाथ में एक बड़ा पोस्टर था, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित कई भाजपा नेताओं की तस्वीरें लगी थीं। जनसभा के बीच तौकीर का यह पोस्टर और उनका उत्साह लोगों का ध्यान खींच रहा था। बातचीत के दौरान तौकीर ने अपनी आपबीती साझा की, जो उनके समर्थन के पीछे छिपे व्यक्तिगत संघर्ष को सामने लाती है।

तौकीर अहमद ने भावुक होते हुए बताया कि मोदी और योगी सरकार के समर्थन की वजह से उन्हें अपने ही समाज में विरोध और तिरस्कार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि “मैं मोदी-योगी को मानता हूं, इसलिए मेरी बेटी की शादी टूट रही है। एक बार नहीं, तीन-तीन बार रिश्ते टूट चुके हैं।” तौकीर के अनुसार, उनके समाज के लोग उन्हें तरह-तरह के ताने देते हैं और उनके विश्वास पर सवाल उठाते हैं। बातचीत के दौरान यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।

तौकीर का कहना है कि लोग उन्हें मुसलमान होकर हिंदू बनने के आरोप लगाते हैं। उन्हें कहा जाता है कि वह गाय का गोबर खाता है, गाय का मूत्र पीता है और अपने धर्म से भटक गया है। तौकीर इन आरोपों को सुनकर आहत जरूर होते हैं, लेकिन अपने समर्थन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह उनका व्यक्तिगत विश्वास है, जिसे लेकर उन्हें लगातार सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज से बेहद प्रभावित हैं। तौकीर का मानना है कि पहले की सरकारों के दौर में प्रदेश में दंगे और पत्थरबाजी आम बात थी, लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदले हैं। उनके शब्दों में, “पहले पत्थर चलते थे, दंगे होते थे। योगी जी की सरकार आने के बाद शांति है।

जो पत्थर चलाता है, योगी जी उसे तबाह कर देते हैं।”
तौकीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि का वर्णन करते हुए कहा कि “सिंहासन पर भगवे भेष में शेर बैठा है।” उनके अनुसार, योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और आम लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया है। इसी वजह से वह खुद को मोदी-योगी का समर्थक मानते हैं और खुलकर उनके समर्थन में खड़े हैं।

अपने धार्मिक विश्वास को लेकर तौकीर अहमद ने स्पष्ट किया कि वह सनातन धर्म का सम्मान करते हैं, लेकिन अपने इस्लाम धर्म को भी पूरी तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनका समर्थन किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकार के कामकाज और नीतियों के आधार पर है। तौकीर का कहना है कि मोदी और योगी सबके लिए सोचते हैं, इसलिए वह उनके समर्थक हैं।

मिर्जापुर से लखनऊ आने के उद्देश्य पर तौकीर ने कहा कि वह खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दर्शन करने आए हैं। उनके मुताबिक, यह उनकी आस्था का सवाल है। वह चाहते थे कि उनके नेता उन्हें देखें और यह जानें कि उनका समर्थन केवल शब्दों तक सीमित नहीं है।

तौकीर की कहानी उनके सामाजिक संघर्ष को भी उजागर करती है। वह बताते हैं कि मोदी-योगी के समर्थन की वजह से उन्हें अपने समाज में अलग-थलग कर दिया गया है। रिश्तेदारों और परिचितों का व्यवहार बदल गया है। इसके बावजूद वह कहते हैं कि वह अपने विश्वास पर डटे हुए हैं और पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।