MOCK PARLIAMENT: कानपुर में हुआ मॉक पार्लियामेंट का आयोजन
अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी पर निरंतर गंभीर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे है… जहां आगामी चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपनी पृष्ठभूमि को मजबूत करने में लगे हैं, ऐसे में सपा पर इन आरोपों का अच्छा खासा असर पड़ सकता है।
अभी हालही में सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने मुसलमानों को सपा का गुलाम बताया था और कहा था कि, सपा मुसलमानों की भी हितैषी नहीं है। वही अब समाजवादी पार्टी पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जमकर हमला बोला है… और सपा पर आरोप लगाया है कि, सपा पार्टी में अब खुद का कुछ भी नहीं रहा है सपा पार्टी कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गई है।
डिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर तो अपना मतलब निकालने के लिए कुछ भी करने का आरोप भी लगाया। ये सब बातें देश में कांग्रेस शासन में लागू आपातकाल को लेकर कानपुर में हुए मॉक पार्लियामेंट के आयोजन में की गई। आपको बता दें कि, मॉक पार्लियामेंट का आयोजन CSJM यूनिवर्सिटी के मुख्य सभागार में किया गया। और इसी कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे थे। वही कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि, सपा आज असली समाजवादी पार्टी नहीं, उसके मुखिया अखिलेश यादव कांग्रेस की गोद में बैठे हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि, हमारे लोकतंत्र सेनानियों ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान का दुरुपयोग किया। 1975 में इंदिरा गांधी के चुनाव को अदालत ने अवैध ठहराया था, उन पर 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसका जवाब कांग्रेस ने पूरे देश पर आपातकाल थोपकर दिया। नागरिक अधिकारों को रौंदा गया, विपक्ष के नेताओं को जेल में ठूंसा गया और लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।
इसके अलावा केशव प्रसाद मौर्य ने ये भी कहा कि, आपातकाल एक परिवार के सत्ता मोह का परिणाम था, और कांग्रेस का इतिहास ऐसे काले कारनामों से भरा पड़ा है। अगर गांधी परिवार देश की राजनीति पर वर्चस्व स्थापित करने में सफल नहीं हुआ होता, तो आज भारत दुनिया का नंबर एक देश बन चुका होता।”
संविधान में हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिला है और भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली इसी आधार पर खड़ी है। आज 5 साल में चुनाव होते हैं, जनता सरकार बनाती है, पर कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई थीं।
वहीं मॉक पार्लियामेंट के आयोजन पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, पक्ष और विपक्ष की भूमिका में कानपुर क्षेत्र के विभिन्न जिलों से चयनित युवा एवं छात्र भाग लेंगे। ये मॉक पार्लियामेंट न केवल युवाओं को संसदीय प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देगा, बल्कि 25 जून 1975 को लगे आपातकाल की क्रूरता और लोकतंत्र की हत्या को भी उजागर करेगा।
समापन सत्र में प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण प्रतिभाग करेंगे तथा मॉक पार्लियामेंट में भाग लेने वाले युवाओं और छात्रों को पुरस्कृत करेंगे।
क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि, 25 जून 1975 की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान, विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका और मीडिया पर तालाबंदी करते हुए देश के लोकतंत्र की हत्या कर दी थी।
डिप्टी सीएम का ये बयान राजनीति को कहीं ना कहीं गर्म करने का काम कर सकता है। सपा भी आगामी चुनाव में अपनी रणनीतियां बना रही है और उसने अपने बागी विधायकों को पार्टी से निकालने का काम किया है अब देखना होगा कि पार्टी का इस पर क्या रूख होता है।

