messi program controversy: मेसी कार्यक्रम विवाद के बाद बंगाल सरकार में बड़ा फेरबदल
कोलकाता में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम के दौरान मचे हंगामे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खेल मंत्री अरूप बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री खुद संभालेंगी. यह फैसला उस वक्त लिया गया है, जब मेसी के कार्यक्रम में अव्यवस्था, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार चौतरफा दबाव में थी.
अरूप बिस्वास ने मंगलवार को खेल मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजे गए पत्र में कहा था कि मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई गड़बड़ियों की जांच जारी है. ऐसे में वह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहते हैं. बिस्वास का कहना था कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके, इसके लिए उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा.
इस्तीफे की जानकारी सामने आने के कुछ ही देर बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर संकेत दिया कि अरूप बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री ने बिस्वास का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. हालांकि इस पर सरकार की ओर से तत्काल कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई थी, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे लगभग तय माना जा रहा है.
अरूप बिस्वास के इस्तीफे की मुख्य वजह हाल ही में कोलकाता में आयोजित लियोनेल मेसी के कार्यक्रम को बताया जा रहा है. इस आयोजन में भारी अव्यवस्था देखने को मिली थी. हजारों की संख्या में पहुंचे फैंस को कार्यक्रम स्थल पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. समय पर व्यवस्थाएं न होने, सुरक्षा में खामियों और भीड़ नियंत्रण में विफलता के आरोप आयोजकों और प्रशासन दोनों पर लगे.
कार्यक्रम के दौरान हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब नाराज फैंस ने स्टेडियम में तोड़फोड़ शुरू कर दी. स्टैंड से बोतलें और कुर्सियां फेंकी जाने लगीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा. इस पूरी घटना ने राज्य सरकार की तैयारियों और आयोजन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आयोजनकर्ता सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर चुकी है. सताद्रु दत्ता पर कार्यक्रम में भारी मिसमैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टिकट बिक्री, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों में कहां-कहां चूक हुई.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए हैं. राज्य के डीजीपी राजीव कुमार, बिधाननगर के पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार और युवा मामले एवं खेल विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इन सभी अधिकारियों से कार्यक्रम के दौरान अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर जवाब मांगा गया है.
इसके अलावा ड्यूटी और जिम्मेदारियों में कथित लापरवाही के आरोप में डीसीपी अनीश सरकार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सरकार का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी. इस घटनाक्रम ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
फैंस की ओर से भी इस आयोजन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कई दर्शकों का कहना है कि उन्होंने 10 से 15 हजार रुपये तक की महंगी टिकट खरीदी थी. इसके बावजूद उन्हें लियोनेल मेसी को देखने का मौका तक नहीं मिला. फैंस का आरोप है कि आयोजन स्थल पर आम दर्शकों को दूर रखा गया, जबकि आयोजकों के करीबी और खास लोग ही मेसी के आसपास मौजूद रहे.
नाराज फैंस का यह भी कहना है कि टिकट बिक्री के समय जो वादे किए गए थे, वे कार्यक्रम में पूरे नहीं हुए. अव्यवस्था, सुरक्षा में कमी और जानकारी के अभाव ने फैंस के गुस्से को और भड़का दिया. यही गुस्सा बाद में हंगामे और तोड़फोड़ के रूप में सामने आया.
अरूप बिस्वास के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद खेल मंत्रालय संभालना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. राज्य में खेल आयोजनों और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बीच यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है.

