हिमाचल बना वेडिंग के लिए पहली पसंदहिमाचल बना वेडिंग के लिए पहली पसंद

हिमाचल बना वेडिंग के लिए पहली पसंद

 

हिमाचल प्रदेश के शांत, खूबसूरत धरा—धर्मशाला—ने एक ऐसा अद्भुत और यादगार पल देखा, जहां दो देशों की संस्कृतियां एक ही मंडप के नीचे एक-दूसरे का हाथ थामती नज़र आईं। वर्ल्ड रिकॉर्डधारी पर्वतारोही अंजली शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के यवेस काइजुका के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह किया। ये शादी सिर्फ दो व्यक्तियों का संबंध नहीं थी, बल्कि भारत और दक्षिण अफ्रीका की सांस्कृतिक विरासत का खूबसूरत मेल भी बनी।

धर्मशाला के सैनिक रेस्ट हाउस में आयोजित इस समारोह में दोनों तरफ के परिवार, रिश्तेदार और करीबी दोस्त शामिल हुए। शादी में हिमाचल की परंपराओं और दक्षिण अफ्रीका की रिच कल्चरल प्रैक्टिसेस का अनोखा मिश्रण देखने को मिला। एक ही मंडप में ‘लुआंचड़ी’ की शालीनता और अफ्रीकन पारंपरिक डांस व ऊर्जावान रिवाज़—दोनों ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बना दिया।

आपको बता दें कि, पर्वतारोहण की दुनिया में अंजली शर्मा एक जाना-पहचाना और सम्मानित नाम हैं। हिमाचल की इस बेटी ने न सिर्फ भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। उन्हें 2023 में तब बड़ी प्रसिद्धि मिली जब उन्होंने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी—माउंट किलिमंजारो—पर चढ़ाई की और हिमाचल की पारंपरिक गद्दी पोशाक ‘लुआंचड़ी’ पहनकर तिरंगा फहराया

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उनकी ये उपलब्धि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई, जिसने पहाड़ों और हिमाचली संस्कृति को दुनिया भर की सुर्खियों में ला दिया।

अंजली ने पर्वतारोहण की ट्रेनिंग मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान से ली। वे हनुमान टिब्बा, देव टिब्बा जैसी कई खतरनाक और चुनौतीपूर्ण चोटियों को सफलतापूर्वक फतह कर चुकी हैं। बचपन से पहाड़ों के बीच पली-बढ़ी अंजली के अंदर रोमांच का जज़्बा हमेशा से था। यही जुनून उन्हें एक पर्वतारोही से आगे बढ़ाकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना चुका है

हिमाचल की शादी में लोक-रस्में जैसे ‘धाम’, ‘नती’, ‘देव रीति’, और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनें शामिल थीं। वहीं दक्षिण अफ्रीका की ओर से उनके पारंपरिक गीत, डांस और रीति-रिवाज़ों का खूबसूरत प्रदर्शन हुआ। यवेस के परिवार ने भारतीय परिधान में शामिल होकर आयोजन को और खास बना दिया।

एक मंडप में दो देशों की परंपराएं, दो परिवार, दो संस्कृतियां और दो दिल—सब एक साथ जुड़ते दिखे। स्थानीय लोगों ने इसे “सांस्कृतिक सद्भाव का उत्सव” बताया।

आज के समय में जब दुनिया सीमाओं और पहचान के बीच बंटती दिखती है, अंजली और यवेस की शादी इस बात का संदेश देती है कि, प्यार, आदर और अपनापन हर सीमा से बड़ा होता है।

वहीं, स्थानीय लोगों ने कहा कि, “अंजली ने जिस तरह पहाड़ों पर साहस दिखाया, वैसी ही निर्भीक सोच उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों में भी दिखाई है। ये शादी हिमाचल की खुली सोच और आधुनिकता की मिसाल है।”
इस शादी ने न सिर्फ परिवारों को जोड़ा, बल्कि लोगों को ये भी सिखाया कि, संस्कृतियां जब मिलती हैं, तो दुनिया और खूबसूरत हो जाती है।

हिमाचल और दक्षिण अफ्रीका—दोनों की परंपराओं का ऐसा सुंदर संगम बहुत कम देखने को मिलता है।

अंजली की ये शादी भी युवाओं के लिए एक संदेश है कि, अपनी पहचान, संस्कृति और सपनों को साथ रखते हुए दुनिया को अपना बनाना बिल्कुल संभव है। चाहे पर्वतारोहण हो या जीवन के फैसले—अंजली हर जगह साहस और सकारात्मकता का उदाहरण पेश कर रही हैं।