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MARCH TOUR: मार्च में घूमना है तो आ जाओ यहां, मार्च में इन जगहों का कर लो दीदार, जल्दी से कर लो तैयारी, बना लो प्लान।

MARCH TOUR: मार्च में घूमना है तो आ जाओ यहां

जिसका मुझे था इंतजार वो घड़ी आ गई। घड़ी आ गई है.. जी हां, मार्च का महीना और य़े घड़ी बेहद लाजवाब टाइम है.. क्योंकि इस समय का मौसम घूमने फिरने के लिए एक दम मस्त रहता है। ना तो ज्यादा ठंड रहती है और ना ही इस मौसम में गर्मी। बारिश का मौसम भी नहीं होता..जिसकी वजह से मौसम एकदम बिल्कुल हमारे अनुकूल बना रहता है और हम इस मौसम में हमारे मन को सुकून दे सकते हैं।

ऐसे में अगर आप मार्च के महीने में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो हमारी बताई हुई इन जगहों पर जरूर जाएं। इस मौसम में गर्मी के साथ-साथ ठंड का अहसास भी होता है और मौसम खुशनुमा रहता है। पहली जगह है

1. गोवा: किसी भी समुद्र के किनारे घूमना मार्च के महीने में बहुत ही सुहाना होता है। इसके लिए आप गोवा, मुंबई, पांडिचेरी, जगन्नाथ, द्वारिका, कोवलम, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, लक्ष्यद्वीप, दमण और दीव, अंडमान और निकोबार या फिर मांदरमोनी और दीघा में जा सकते हैं। हालांकि आप मुंबई होते हुए गोवा जाएं जो कि सबसे शानदार है। मार्च के दौरान यहां पर आपको वॉटर एक्टिविटी मिलेगी।

2. शिमला: भारत के अधिकतर पर्यटक हिमाचल घुमने जाते हैं। हिमाचल में शिमला और मनाली सबसे प्रसिद्ध स्थल है। यहां घाटी और चारों ओर हिमालय पर्वत की चोटियों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। शिमला से मनाली लगभग 275 किलोमीटर दूर है। चारों ओर से पहाड़ों से घिरे मनाली को देखकर रोमांच और रोमांस का अनुभव होता है।

3. पचमढ़ी: मध्यप्रदेश में अमरकंटक के पास ही होशंगाबाद जिले में पचमड़ी बहुत ही खूबसूरत हिल स्टेशन है। ऊंचे ऊंचे पहाड़, झील, झरने, गुफाएं, जंगल सभी कुछ हैं यहां पर। झरनों के लिए आप मध्यप्रदेश के पचमड़ी में जाएं। हालांकि झरनों का शहर रांची को माना जाता है। भारत में भेड़ाघाट धुआधार (मध्यप्रदेश), कुंचिकल जल प्रपात (कर्नाटक), बरिपनी जल प्रपात (ओडिशा), नोहलिकैय जल प्रपात (मेघालय), क्यन्रएं जल प्रपात (मेघालय), दूधसागर झरना (गोवा- कर्नाटक), मीनमुतटी झरना (केरल), चित्रकूट झरना (छत्तीसगढ़) आदि कई जगहों पर शारदार झरनें हैं परंतु पचमढ़ी में आपको बहुत सारे झरने देखने को मिलेगें।

4. लोनावाला : महाराष्ट्र में मुंबई से करीब 96 किलोमीटर और खंडाला से लगभग 5 कीलोमीटर दूर स्थित है लोनावला हिल स्टेशन। पूणे से मात्र 2 घंटे का रास्ता है। इसे झीलों का जिला कहते हैं। मुंबई और पूना वासियों के लिए यह उनका फेवरिट डेस्टिनेशन है। इस हिल स्टेशन क्षेत्र में लोनावला झील, तिगौती झील, मानसून झील और वाल्वन झील प्रमुख हैं, जिन्हें देखना बहुत ही अद्भुत है। खासकर वाल्वन झील पर बना वाल्वन बांध एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। लोनावला को सह्याद्रि पर्वत मालाओं की मणि और मुंबई-पुणे का प्रवेश द्वार भी कहते हैं।

5. मसूरी : मसूरी हिल स्टेशन उत्तराखंड राज्य का पर्वतीय नगर है। ये देहरादून से 35 किलोमीटर और दिल्ली-एनसीआर से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है जो गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। मसूरी के एक ओर से गंगा नजर आती है तो दूसरी ओर से यमुना नदी। यहां पर दुर्लभ वनस्पतियां और जीव जंतु पाए जाते हैं।

यहां के ऊंचे ऊंचे पहाड़ और हरी भरी छटा देखते ही बनती है। पतली घुमावदार सड़कें, हरे-भरे पेड़, दूर तक नजर आती ऊंची-नीची पहाड़ियां, एक ओर दूर नजर आते बर्फ से ढंके सफेद पहाड़, दूसरी ओर पहाड़ों की गोद में बने छोटे-छोटे घर यानी देहरादून शहर। यहां आकर कोई भी रोमांचित हो सकता है। हनीमून मनाने के लिए यह आदर्श स्थान है।

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