मनीषा की मौत का राज अब CBI खोलेगी…!मनीषा की मौत का राज अब CBI खोलेगी…!

मनीषा की ‘हत्या’ या ‘आत्महत्या’?

हरियाणा के भिवानी जिले में लेडी टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार देर रात प्रशासन और परिवार की बैठक के बाद ये माना जा रहा था कि गतिरोध खत्म हो जाएगा और परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन मंगलवार को हालात अचानक बदल गए। मनीषा के पिता संजय का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उनकी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया।

मनीषा के पिता का बयान:

“मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे उस पर इतना विश्वास है। प्रशासन कह रहा है कि उसने आत्महत्या की है। मैं इसको नहीं मानता कि मेरी बेटी आत्महत्या कर लेगी। सारी मेडिकल टीम ने ये दिखाया कि उसने आत्महत्या की है। मैं कहता हूं कि उसने आत्महत्या नहीं की है। मुझे मेरी बेटी के लिए न्याय चाहिए। प्रशासन ने कमेटी को दबाया, फिर कमेटी ने मुझ पर दबाव डाला। मैं लोगों से यही अपील करना चाहता हूं कि मेरी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए जितना भी हो सके, सहयोग करें।”

ये बयान सामने आते ही पूरे गांव में रोष फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन परिवार पर दबाव डालकर मामले को आत्महत्या बताना चाहता है, जबकि असलियत हत्या की है।

इससे पहले सोमवार को मनीषा के दादा रामकिशन ने भी आरोप लगाया था कि उनकी पोती की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, तो पहले इसे साबित करे। मनीषा की मां ने भी सरकार और पुलिस से इंसाफ की मांग की थी।

मंगलवार सुबह भिवानी में ग्रामीणों की पंचायत हुई। पंचायत ने साफ घोषणा की कि जब तक मनीषा को न्याय नहीं मिलता, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पंचायत ने पिता संजय को भी समझाया कि पूरा गांव उनके साथ खड़ा है और किसी भी दबाव में आने की जरूरत नहीं है।

ग्रामीणों ने ढाणी लक्ष्मण गांव के एंट्री पॉइंट पर रास्ते जाम कर दिए। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी वहां जमा हो गए। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन हत्या की जांच नहीं करता, तब तक मनीषा की डेडबॉडी को दफनाया या जलाया नहीं जाएगा।

स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।

हरियाणा के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आदेश जारी किया है कि 19 अगस्त सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। इसमें ब्रॉडबैंड और लीजलाइन को छोड़कर सभी तरह की मोबाइल इंटरनेट सर्विस और बल्क SMS शामिल हैं।

भिवानी में तनाव बढ़ता देख दूसरे जिलों से भी पुलिस बुला ली गई है। पानीपत से 108 जवानों की एक कंपनी पहले ही पहुंच चुकी है। पुलिस ने गांव के रास्तों पर नाकाबंदी कर दी है और आने-जाने वालों की कड़ी चेकिंग की जा रही है।

वहीं, मनीषा हत्याकांड मामले में सुसाइड नोट को लेकर IG रोहतक वाई पूरन कुमार ने कहा कि, 13 अगस्त को मनीषा की डेड बॉडी बरामद हुई थी, और उसी दिन पुलिस को सुसाइड नोट मिल गया था, लेकिन जांच प्रभावित ना हो इसलिए सुसाइड नोट को सार्वजनिक नहीं किया गया था.

इसी बीच चरखी दादरी में सर्वजातीय फोगाट खाप ने भी इमरजेंसी पंचायत बुलाई है। पंचायत में मनीषा मामले को लेकर अगले कदम की रणनीति तय की जा रही है। खाप ने साफ कहा कि अगर परिवार को इंसाफ नहीं मिला तो ये आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।

11 अगस्त को मनीषा घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। बताया गया कि वह कॉलेज में एडमिशन की जानकारी लेने भी गई थी। इसके बाद वो अचानक लापता हो गई। परिवार ने तुरंत हत्या का आरोप लगाया और कहा कि उनकी बेटी को किसी ने साजिश के तहत मारा है।

मनीषा का शव अभी भी भिवानी के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है। ग्रामीणों और परिवार का कहना है कि जब तक हत्या की जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। जबकि गांव का माहौल तनावपूर्ण देखते हुए स्कूल भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है।

भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत अब कानूनी और राजनीतिक रंग भी ले चुकी है। प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि परिवार और ग्रामीण हत्या का आरोप लगाकर न्याय की मांग कर रहे हैं। इंटरनेट बंदी, पंचायतों की सक्रियता और खाप पंचायत का दबाव ये दिखाता है कि आने वाले दिनों में ये मामला और बड़ा हो सकता है। वहीं, मनीषा के पिता और दादा का साफ कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।